उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कथित पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “अब उत्तराखंड में भी पेपर लीक हो गए, प्रधानमंत्री जी बताइए यह सिलसिला आखिर कब रुकेगा?”
NEET-2024 मामले को लेकर लगाए गंभीर आरोप
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि वर्ष 2024 के NEET पेपर लीक मामले में कथित मास्टरमाइंड को CBI से क्लीन चिट मिल गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी, जिसके कारण आरोपी को शुरुआती दौर में ही जमानत मिल गई।
केजरीवाल ने कहा कि अब पूरे मामले में केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत सही होती तो देश में बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने नहीं आतीं।
युवाओं के आंदोलन की सराहना
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि देश के युवाओं ने साहस और दृढ़ता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज और अन्य कठिन परिस्थितियों के बावजूद युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की और पूरे देश का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं के इस संघर्ष ने शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है।
मनीष सिसोदिया ने भी साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के मुख्य आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कई सवाल खड़े होते हैं। सिसोदिया ने कहा कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होती तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते थे।
राजनीतिक बयान, जांच एजेंसियों की प्रतिक्रिया का इंतजार
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया द्वारा लगाए गए ये आरोप राजनीतिक बयान हैं। इस संबंध में CBI अथवा केंद्र सरकार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की सच्चाई जांच और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।












