पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान ने 500 दिन पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह अभियान अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है और नशे के खिलाफ राज्य की लड़ाई लगातार मजबूत हो रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार की ‘प्रोटेक्ट, हील एंड प्रिवेंट’ (Protect, Heal & Prevent) रणनीति के तहत नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई, नशे के शिकार लोगों का उपचार और पुनर्वास तथा नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
73 हजार से ज्यादा तस्कर गिरफ्तार, 847 करोड़ की संपत्ति जब्त
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 1 मार्च 2025 से शुरू हुए अभियान के दौरान अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 52,432 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
उन्होंने दावा किया कि अभियान के दौरान:
- 73,300 से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार
- 621 बड़े ड्रग तस्कर सलाखों के पीछे
- 847 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त
- 52,432 एनडीपीएस केस दर्ज
डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार सरकार का लक्ष्य केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है।
सरकार ने गिनाईं बड़ी उपलब्धियां
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य की सेफ पंजाब हेल्पलाइन (97791-00200) पर पिछले 500 दिनों में 46,342 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके आधार पर 22,960 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि लोगों का सरकार और कानून लागू करने वाली एजेंसियों पर विश्वास लगातार बढ़ा है।
पिछली सरकारों से तुलना
डॉ. बलबीर सिंह ने दावा किया कि पिछली सरकारों की तुलना में मौजूदा सरकार ने नशा तस्करी के खिलाफ अधिक प्रभावी कार्रवाई की है।
उनके अनुसार:
- अकाली दल सरकार (10 वर्ष) के दौरान 2,817 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई।
- कांग्रेस सरकार (5 वर्ष) के दौरान 2,412 किलोग्राम हेरोइन जब्त हुई।
- जबकि भगवंत मान सरकार ने लगभग चार वर्षों में 6,608 किलोग्राम हेरोइन बरामद की।
इलाज और पुनर्वास पर भी जोर
सरकार ने दावा किया कि नशा पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास के लिए राज्यभर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
वर्तमान में पंजाब में:
- 213 सरकारी और निजी नशा मुक्ति केंद्र
- 90 पुनर्वास केंद्र
- 547 ओओएटी (OOAT) क्लीनिक
- 5,000 बेड की उपचार क्षमता
सरकारी केंद्रों में इलाज पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्कूलों और गांवों में भी अभियान
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य और नशा रोकथाम कार्यक्रम चला रही है। शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे शुरुआती संकेतों की पहचान कर सकें।
उन्होंने बताया कि राज्यभर में 12 हजार से अधिक ग्राम रक्षा समितियां भी जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
केंद्र सरकार से की यह मांग
स्वास्थ्य मंत्री ने सीमा पार से हो रही ड्रग तस्करी पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी और एंटी-ड्रोन सिस्टम को और मजबूत करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सीमा से होने वाली तस्करी रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग जरूरी है और केंद्र सरकार को पंजाब के साथ मिलकर इस चुनौती का मुकाबला करना चाहिए।










