पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अभी से अपनी राजनीतिक रणनीति तेज करनी शुरू कर दी है। फगवाड़ा से विधायक एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी बलविंदर सिंह धालीवाल ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से गुटबाजी खत्म कर संगठन को मजबूत बनाने की अपील करते हुए कहा कि यदि पार्टी एकजुट होकर जनता के बीच जाएगी तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार बन सकती है।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की मजबूत होती स्थिति से कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है और अब पंजाब में भी पार्टी के पास जनता का विश्वास जीतने का अच्छा अवसर है। इसके लिए सभी नेताओं को व्यक्तिगत मतभेद भूलकर सामूहिक रूप से पार्टी के लिए काम करना होगा।
‘भाजपा और AAP को न मिले प्रचार का मौका’
धालीवाल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को ऐसे किसी भी विवाद से बचना चाहिए जिससे भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी को कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संगठन को मजबूत करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने पार्टी नेतृत्व से भी आग्रह किया कि व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर जनता और संगठन के हित में फैसले लिए जाएं तथा कांग्रेस नेतृत्व को मजबूती प्रदान की जाए।
राहुल गांधी के समर्थन में बोले धालीवाल
विधायक ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से भाजपा लगातार “कांग्रेस मुक्त भारत” की बात करती रही, लेकिन अब देश की जनता इस राजनीति की सच्चाई समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ लंबे समय तक दुष्प्रचार किया गया, लेकिन अब जनता उनके विचारों और संघर्ष को स्वीकार कर रही है।
धालीवाल के अनुसार राहुल गांधी पिछले कई वर्षों से संविधान, लोकतंत्र और आम जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी पहचान मजबूत हुई है।
केंद्र सरकार की नीतियों पर भी उठाए सवाल
धालीवाल ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियों से आम जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों के कारण लोगों में निराशा बढ़ी है और अब जनता बदलाव चाहती है।
उन्होंने दावा किया कि पंजाब सहित देशभर में लोग कांग्रेस को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रहे हैं और यदि पार्टी एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरती है तो 2027 में पंजाब में सत्ता में वापसी संभव है।










