जालंधर। शहर में 12 जून को किशनपुरा चौक स्थित BMS शोरूम पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल नवल उर्फ बिल्ला को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मामले को लेकर डीसीपी मनप्रीत ढिल्लों ने बताया कि 12 जून को बाइक सवार दो युवकों ने BMS शोरूम पर गोलियां चलाई थीं। वारदात के बाद शोरूम मालिक से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और गिरोह से जुड़े कई सुराग जुटाए।
डीसीपी के अनुसार, पुलिस ने पहले ही इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि नवल उर्फ बिल्ला को दो दिन पहले काबू किया गया। मंगलवार को उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक उसने जमशेर डेयरी के पास छिपाकर रखी हुई है।
इसी सूचना के आधार पर सीआईए स्टाफ की टीम आरोपी को साथ लेकर मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, वहां पहुंचते ही आरोपी ने छिपाकर रखे गए हथियार को निकाल लिया और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पुलिस पर चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं।
अचानक हुए हमले के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी बिल्ला के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे काबू कर लिया गया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टीम को पहले से इस हथियार की जानकारी नहीं थी।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि BMS शोरूम पर फायरिंग की साजिश विदेश में बैठे एकम नामक आरोपी के इशारे पर रची गई थी। पुलिस का दावा है कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को इसके बदले मोटी रकम मिलने वाली थी।
फिलहाल पुलिस ने नवल उर्फ बिल्ला के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज कर लिए हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान गैंग के नेटवर्क, फंडिंग और विदेश में बैठे मास्टरमाइंड से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।









