पंजाब सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में गिरफ्तार आरोपी सौरव बिस्वास से पूछताछ पूरी होने के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने उसे वापस तिहाड़ जेल भेज दिया है। पुलिस आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लेकर आई थी, जहां एक दिन की रिमांड के दौरान उससे गहन पूछताछ की गई।
जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी सौरव बिस्वास पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के गोबिंद पल्ली क्षेत्र का रहने वाला है और कथित तौर पर ईमेल आईडी खरीदने-बेचने के कारोबार से जुड़ा हुआ था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी कम कीमत पर ईमेल आईडी खरीदता था और बाद में उन्हें अधिक दामों पर बेचता था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों और तकनीकों का इस्तेमाल कर ईमेल अकाउंट्स का नेटवर्क संचालित करता था।
मोबाइल, लैपटॉप और डिजिटल डिवाइस की जांच
रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच की। साइबर एक्सपर्ट्स यह पता लगाने में जुटे हैं कि धमकी भरे ईमेल किस तकनीक और माध्यम से भेजे गए थे तथा क्या इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े साइबर नेटवर्क या संगठित गिरोह की भूमिका है।
पहले गुजरात में हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार आरोपी को सबसे पहले गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गई थी। बाद में चंडीगढ़ पुलिस ने भी पूछताछ के लिए आरोपी को एक दिन की रिमांड पर लिया।
पूछताछ पूरी होने और रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी को वापस तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। मामले में साइबर जांच अभी जारी है और एजेंसियां आरोपी के संभावित नेटवर्क और गतिविधियों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।









