
पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने भाजपा और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमन अरोड़ा ने कहा कि चुनावों से पहले भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को डराने और उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि ईडी की कार्रवाई और बाद में जारी बयानों में उनका नाम राजनीतिक उद्देश्य से जोड़ा गया। उन्होंने दावा किया कि शुरुआती आधिकारिक बयान में न तो उनका और न ही उनके करीबी गौरव धीर का नाम शामिल था, लेकिन बाद में संशोधित बयान में उनका नाम जोड़ दिया गया।
‘अगर एक रुपया लेने का सबूत मिले तो राजनीति छोड़ दूंगा’
अमन अरोड़ा ने अपनी छवि को साफ बताते हुए कहा कि उन्होंने 1991 में राजनीति में आने के बाद कभी किसी से एक रुपया तक नहीं लिया। उन्होंने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि उन्होंने किसी से पैसे लिए हैं, तो वह तुरंत राजनीति छोड़ देंगे।
उन्होंने कहा कि तीन दशक से अधिक के सार्वजनिक जीवन में उन पर भ्रष्टाचार या पद के दुरुपयोग का कोई आरोप नहीं लगा है।
‘दोस्ती कोई गुनाह नहीं’
गौरव धीर के साथ संबंधों पर सफाई देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि उनकी दोस्ती 22 साल पुरानी है और यह केवल व्यक्तिगत रिश्तों तक सीमित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और गौरव धीर के बीच कभी कोई कारोबारी लेन-देन नहीं रहा।
अमन अरोड़ा ने कहा कि सिर्फ दोस्ती के आधार पर किसी को विवाद में घसीटना गलत है। उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह की जांच करनी है तो एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से करें।
‘मेरे फोन की फोरेंसिक जांच करवाई जाए’
ईडी को खुली चुनौती देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि वह किसी भी जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसी उनके फोन की फोरेंसिक जांच करवाए और यदि केस में नामजद किसी व्यक्ति का नंबर उनके फोन में सेव मिले तो वह खुद को दोषी मान लेंगे।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा उन राज्यों में ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है जहां चुनाव नजदीक हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा डर, दबाव और झूठे प्रचार के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले में नामजद एक व्यक्ति ने भाजपा को चंदा दिया था, लेकिन ईडी ने इस तथ्य को अपने बयानों में छिपाया।
ऑल्टस प्रोजेक्ट पर भी दी सफाई
ऑल्टस प्रोजेक्ट से जुड़े आरोपों पर अमन अरोड़ा ने कहा कि कंपनी को 2013-14 में चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) की मंजूरी मिली थी और सभी सरकारी नियमों का पालन किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी के पास सरकार का ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ भी मौजूद है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि यदि सरकार का कोई बकाया नहीं है, तो फिर धोखाधड़ी का सवाल कहां उठता है।
‘मनगढ़ंत प्रचार से नहीं डरेंगे’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने के लिए झूठे प्रचार का सहारा ले रही है, लेकिन वह इस तरह की राजनीति से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि ईडी के पास कोई सवाल है तो उन्हें समन भेजा जाए, वह हर जांच में पूरा सहयोग करेंगे।









