पंजाब की राजनीति में जारी उथल-पुथल अब संवैधानिक लड़ाई में बदलती नजर आ रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सात राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए राज्यसभा के सभापति और देश के उपराष्ट्रपति को औपचारिक याचिका सौंप दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल तेज कर दी है।
AAP के वरिष्ठ नेता Sanjay Singh ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि इन सांसदों ने न केवल पार्टी बल्कि पंजाब की जनता, लोकतंत्र और संविधान के साथ भी “गद्दारी” की है। उन्होंने दावा किया कि संवैधानिक विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि पार्टी छोड़कर दूसरे दल में जाने वाले सांसदों की सदस्यता खत्म होना तय है।
संजय सिंह के अनुसार, इस मामले में संविधान की 10वीं अनुसूची (एंटी-डिफेक्शन कानून) स्पष्ट रूप से लागू होती है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal समेत कई विशेषज्ञों ने राय दी है कि इस तरह के दल-बदल को कानून मान्यता नहीं देता और ऐसे मामलों में सदस्यता समाप्त की जा सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति Jagdeep Dhankhar को भेजी गई याचिका में मांग की गई है कि जल्द सुनवाई कर निष्पक्ष फैसला दिया जाए।
🔍 भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
संजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह जांच एजेंसियों जैसे ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाती है और बाद में उन्हें अपने दल में शामिल कर लेती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ “तोड़फोड़ की राजनीति” बताया।
⚖️ संविधान और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला
AAP नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले, खासकर Uttarakhand और Arunachal Pradesh के मामलों में, स्पष्ट कर चुके हैं कि राजनीतिक दल-बदल को सीमित करने के लिए सख्त प्रावधान जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि संविधान सभी के लिए सर्वोपरि है और इसका पालन हर हाल में करना होगा।
📢 पंजाब में विरोध और राजनीतिक तापमान
संजय सिंह ने दावा किया कि पंजाब में इन सांसदों के खिलाफ जनता में भारी रोष है और कई जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो विधायक इन सांसदों को संसद तक लेकर गए थे, अब वही उन्हें वापस बुलाने की मांग कर रहे हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री Bhagwant Mann द्वारा राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा गया है, जहां “राइट टू रिकॉल” जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।







