
चंडीगढ़: हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में शामिल चैत्र नवरात्रि इस वर्ष 19 मार्च, वीरवार से शुरू हो रही है। यह नौ दिनों तक चलने वाला पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का विशेष अवसर होता है। भक्त इन दिनों व्रत रखकर, पूजा-अर्चना कर और नियमों का पालन कर देवी मां की कृपा प्राप्त करते हैं। आईए ज्योतिष आर्चाय शीतल वर्मा के अनुसार ज़ानते है कि कौन सा समय पूजा अर्चना के लिए सही है और किन राषियों पर इसका क्या प्रभाव होगा
🕉️ घटस्थापना मुहूर्त (कलश स्थापना समय)
चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ घटस्थापना से होता है।
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शुभ मुहूर्त: सुबह लगभग 6:30 बजे से 10:15 बजे तक
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इस दौरान कलश स्थापना कर मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।
🙏 नवरात्रि पूजा विधि
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घर की साफ-सफाई कर पूजा स्थान तैयार करें।
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मिट्टी के पात्र में जौ बोकर कलश स्थापित करें।
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कलश पर नारियल और आम के पत्ते रखें।
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मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
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रोजाना दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
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फल, फूल और भोग अर्पित करें।
⚠️ नवरात्रि में क्या करें
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सात्विक भोजन ग्रहण करें।
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रोज पूजा और आरती करें।
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कन्या पूजन (अष्टमी/नवमी) जरूर करें।
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घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखें।
❌ नवरात्रि में क्या ना करें
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मांस, शराब, लहसुन-प्याज का सेवन न करें।
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नकारात्मक विचार और झूठ बोलने से बचें।
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बाल और नाखून काटने से परहेज करें (परंपरा अनुसार)।
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व्रत के नियमों का उल्लंघन न करें।
🔮 राशियों पर प्रभाव (संक्षेप में)
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मेष, सिंह, धनु: सफलता और नई शुरुआत के योग
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वृष, कन्या, मकर: आर्थिक लाभ और स्थिरता
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मिथुन, तुला, कुंभ: रिश्तों में सुधार, नए अवसर
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कर्क, वृश्चिक, मीन: मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति
🌸 नवरात्रि का महत्व
चैत्र नवरात्रि को नववर्ष की शुरुआत भी माना जाता है। यह पर्व शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जिसमें मां दुर्गा की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।









