
नई दिल्ली, 01 मार्च 2026। राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर आयोजित आम आदमी पार्टी की विशाल रैली में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता आम आदमी पार्टी को “100 सीटों का तोहफा” देगी।
रैली का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल कर रहे थे। इस दौरान मनीष सिसोदिया सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
तानाशाही राजनीति बदलने में पंजाब साथ: मान
भगवंत मान ने अपने संबोधन में कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई चल रही है और पंजाब इस संघर्ष में आम आदमी पार्टी के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की है।
मान ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने साजिश के तहत आम आदमी पार्टी को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन अब वह रणनीति जनता के सामने उजागर हो चुकी है। उनके अनुसार, “जब भी पार्टी पर संकट आता है, हम दोगुनी ताकत से उभरते हैं।”
मोदी सरकार पर तीखे आरोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना इशारों में निशाना साधते हुए मान ने कहा कि पहले जीएसटी का विरोध करने वाले नेता बाद में उसे “मास्टर स्ट्रोक” बताते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीएफ (ग्रामीण विकास फंड) के लगभग 8000 करोड़ रुपये और जीएसटी का बकाया हिस्सा रोका गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब में आई ऐतिहासिक बाढ़ के लिए घोषित 1600 करोड़ रुपये की राहत राशि भी पूरी तरह जारी नहीं की गई।
जेल, अदालत और राजनीतिक संघर्ष
मान ने कहा कि पार्टी के कई शीर्ष नेताओं को जेल भेजा गया, लेकिन इससे आंदोलन कमजोर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि “हमारे देश में सजा केवल जेल नहीं होती, बल्कि अदालतों के चक्कर काटना भी बड़ी सजा है।”
उन्होंने जालंधर उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जेल में था, तब भी कार्यकर्ताओं ने हिम्मत नहीं हारी और चुनाव में जीत दर्ज की। यह जीत पार्टी के आत्मविश्वास को और मजबूत करने वाली रही।
शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल पर जोर
रैली में दिल्ली मॉडल की चर्चा भी प्रमुख रही। भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, मुफ्त बिजली और बुनियादी सुविधाओं को राजनीतिक एजेंडा बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूल और अस्पतालों को नुकसान होने की शिकायत के बाद पार्टी नेताओं पर कार्रवाई की गई।
उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी ने अन्य दलों को भी मजबूर किया कि वे अपने घोषणापत्र में स्कूल, अस्पताल, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दे शामिल करें।
शहीदों का जिक्र, संघर्ष का संदेश
अपने भाषण में भगवंत मान ने शहीद भगत सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि क्रांतिकारियों के लिए जेल संघर्ष को और मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब आवाज दबाने की कोशिश होती है, तब आंदोलन और व्यापक हो जाता है।
उन्होंने शहीद राजगुरु, सुखदेव, करतार सिंह सराभा और अशफाक उल्ला खान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आजादी में पंजाब का योगदान ऐतिहासिक रहा है।
पंजाब के योगदान पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं पर जब भी खतरा आता है, पंजाब के जवान सबसे आगे खड़े होते हैं। हरित क्रांति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब देश में अनाज की कमी थी, तब पंजाब ने देश के भंडार भरे।
उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी के शुरुआती दौर में भी पंजाब ने चार सांसद देकर पार्टी को मजबूती दी थी और 2027 में फिर से भारी बहुमत देकर सरकार बनाएगा।
राजनीतिक कटाक्ष और शेर
भगवंत मान ने विरोधी दलों पर कटाक्ष करते हुए एक शेर सुनाया और कहा कि “सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन सच का सूरज कभी छुपता नहीं।”
उन्होंने भाजपा को “पंजाब विरोधी” बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी और उसके चुनाव चिह्न से विपक्ष इतना डर गया है कि उसे हर जगह वही नजर आता है।
2027 का लक्ष्य: सेंचुरी का दावा
अपने संबोधन के अंत में भगवंत मान ने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पंजाब की जनता एक बार फिर आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत देगी। उन्होंने कहा कि “दरिया अपना रास्ता खुद बनाता है, उसे कोई रोक नहीं सकता।”
रैली के जरिए आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह आने वाले चुनावों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी ताकत बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। जंतर-मंतर से दिया गया यह संदेश आने वाले महीनों में राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकता है।











