आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर करने का आरोप लगाते हुए नाभा के पटियाला गेट पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में सैकड़ों मनरेगा मजदूर, पार्टी कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी गरीबों की जीवनरेखा मानी जाने वाली योजना को खत्म करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। नई नीतियों और नियमों के जरिए मजदूरों के हक छीने जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण गरीब, महिलाएं और कमजोर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
“मनरेगा की आत्मा को बदल दिया गया” – गुरदेव सिंह देव मान
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक गुरदेव सिंह देव मान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अगर मनरेगा का नाम बदलना चाहती है तो बदल सकती है, लेकिन इसकी मूल भावना और नीति को बदलना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
देव मान ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने मनरेगा की आत्मा को ही खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि नई नीतियों का उद्देश्य गरीबों को रोजगार देने के बजाय उन्हें और अधिक गरीबी में धकेलना है। यह सीधे तौर पर मजदूर विरोधी और गरीब विरोधी सोच को दर्शाता है।
“देश मजदूरों ने बनाया, आज उन्हीं पर हमले”
विधायक देव मान ने कहा कि देश की तरक्की में मजदूरों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। खेतों, सड़कों, फैक्ट्रियों और ऊंची इमारतों से लेकर हर क्षेत्र में मजदूरों ने देश को खड़ा किया है। इसके बावजूद आज उन्हीं मजदूरों के अधिकारों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद से गरीबों और मजदूरों के वोट लेकर सत्ता में आने वाली सरकारें अब उन्हीं को सजा देने का काम कर रही हैं।
मनरेगा फंड का बोझ राज्यों पर डालना संघवाद पर हमला
आप विधायक ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा फंडिंग का करीब 40 प्रतिशत बोझ राज्यों पर डालने के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे पूरी तरह से गैर-तार्किक और संघीय ढांचे के खिलाफ बताया।
देव मान ने सवाल उठाया कि पहले से ही सीमित संसाधनों से जूझ रहे राज्य सरकारें यह अतिरिक्त बोझ कैसे उठाएंगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला कल्याणकारी योजनाओं को कमजोर करने और राज्यों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को धन्यवाद, विशेष सत्र का जिक्र
गुरदेव सिंह देव मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा मनरेगा के मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा ने एकजुट होकर केंद्र सरकार से मांग की है कि मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए और गरीब विरोधी बदलाव तुरंत वापस लिए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, अमन अरोड़ा और पूरी पार्टी मनरेगा मजदूरों के साथ मजबूती से खड़ी है।
प्रदेशभर में तेज होगा आंदोलन – गुरप्रीत सिंह जीपी
इस मौके पर आप एससी विंग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह जीपी ने कहा कि मनरेगा के बचाव में पार्टी पूरे पंजाब में आंदोलन चला रही है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले जालंधर में प्रदर्शन किया गया था और अब नाभा में विरोध जताया गया है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज किया जाएगा।
गुरप्रीत सिंह जीपी ने केंद्र सरकार पर किसानों, मजदूरों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों को लगातार कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले किसानों पर कृषि कानून थोपे गए, फिर संविधान को कमजोर करने की कोशिशें हुईं और अब मनरेगा के जरिए गरीब परिवारों पर हमला किया जा रहा है।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
आप नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि जब तक केंद्र सरकार मजदूर विरोधी नीतियां वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि गरीब कमजोर नहीं हैं और अपने अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे।
नेताओं ने ऐलान किया कि मनरेगा मजदूरों की यह लड़ाई पंजाब के हर कोने तक पहुंचाई जाएगी और किसी भी सूरत में उनके अधिकार छीने नहीं जाने दिए जाएंगे।











