
हर्ष मानसर टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों में आ गया है। जाने-माने चिकित्सक कुलदीप कलेर ने टोल प्लाजा कर्मचारियों पर फास्टैग के जरिए डबल कटौती और जबरन वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से बातचीत में डॉ. कलेर ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ जालंधर से डलहौजी की यात्रा पर थे।
उन्होंने बताया कि पठानकोट से पहले टोल प्लाजा पहुंचने पर उनके बेटे डॉ. आर्यन कलेर की कार (PB-08-DB-4601) के एयरटेल फास्टैग खाते से 17 दिसंबर 2025 को सुबह 5:51 बजे 130 रुपये कट गए। इसके बावजूद टोल कर्मचारियों ने गाड़ी रोककर फास्टैग को ब्लैकलिस्टेड बताकर आगे बढ़ने से मना कर दिया।
डॉ. कलेर का आरोप है कि पहले से राशि कटने की जानकारी देने के बावजूद उन्हें करीब 15 मिनट तक रोका गया, जिससे परिवार का कीमती समय नष्ट हुआ। बाद में कर्मचारियों ने ब्लैकलिस्ट होने का हवाला देकर UPI ट्रांजैक्शन के जरिए 162 रुपये और वसूल लिए। इस तरह कुल 292 रुपये लिए गए, जिसे उन्होंने सरासर अन्याय बताया।
डॉ. कलेर ने टोल प्रबंधन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो फास्टैग सिस्टम पर आम लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है, जो डिजिटल भुगतान नीति के लिए गंभीर चिंता का विषय है।









