
नाभा में किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प ने प्रदेशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। इस दौरान चर्चा का केंद्र बनीं नाभा की महिला DSP मनदीप कौर ने अब इस पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रही हैं, उनमें तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
DSP मनदीप कौर का पक्ष
DSP मनदीप कौर ने बताया कि किसानों की पगड़ी पुलिस ने नहीं उतारी, बल्कि विवाद की जड़ कुछ बाहरी असामाजिक तत्व थे, जो किसानों के भेष में आए थे।
उन्होंने खुलासा किया कि इन लोगों ने पीछे से उनके साथ छेड़छाड़ की और उनकी वर्दी पर हाथ डाला। इतना ही नहीं, झड़प के दौरान उनका जूड़ा भी खींचा गया।
22 सितंबर की घटना का जिक्र
दरअसल, 22 सितंबर को चोरी हुई ट्रालियों को लेकर नगर काउंसिल की अध्यक्ष सुजाता चावला के पति पंकज पप्पू की गिरफ्तारी के बाद किसान संगठनों ने DSP ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था।
इस धरने में भारतीय किसान यूनियन आजाद, भारतीय किसान यूनियन भटेड कलां और क्रांतिकारी यूनियन समेत 4 संगठनों ने भाग लिया।
जब DSP मनदीप कौर अपने दफ्तर से बाहर आईं, तो किसानों के साथ उनकी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ा कि किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए।
“धरना देने से नहीं रोका”
महिला DSP ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसानों को धरना देने से कभी नहीं रोका था। वे तो केवल बातचीत करने गई थीं।
लेकिन जैसे ही वे गाड़ी से जरूरी काम के लिए निकलने लगीं, प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी रोक ली और खींचतान शुरू कर दी। DSP का कहना है कि इस दौरान उनके साथ बदतमीजी भी हुई और उनकी वर्दी से हाथापाई की गई।








