
पंजाब सरकार द्वारा प्रोजेक्ट जीवनजीत-2 के तहत बाल मजदूरी और बाल भीख को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की अहम बैठक हुई।
बैठक में जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव हरप्रीत सिंह, जिला प्रोग्राम अधिकारी जस्मीत कौर, और जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य मौजूद थे।
डिप्टी कमिश्नर ने निर्देश दिया कि गुरदासपुर जिले के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख चौराहों पर छापेमारी कर भीख मांगते बच्चों की पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि पकड़े गए बच्चों को उनके अभिभावकों के आने तक शेल्टर होम में रखा जाएगा और यदि आवश्यकता पड़ी तो DNA टेस्ट भी कराया जाएगा ताकि उनके पारिवारिक संबंधों की पुष्टि हो सके।
यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि बच्चों की तस्करी, जबरन भीख मंगवाना और अवैध गोद लेने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इस फैसले से ऐसे अपराधों की रोकथाम में मदद मिलने की उम्मीद है।
डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिले में बाल अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्ण निष्ठा से काम करें।









