छह सितंबर को जनरल समाज मंच द्वारा भारत बंद की काल दी गई है। जिसके चलते पंजाब में फगवाड़ा में एक बार फिर से माहौल तनापवूर्ण होने के आसार बन सकते है। हालांकि माहौल् तनावपूर्ण हो या ना हो लेकिन पुलिस के लिए अब छह सितंबर दिन रात बेचैनी में बीतने वाली बन गई। गौर होकि पिछली बार जब दो अप्रैल के दलित संठगनों की बंद की काल के बाद फगवाड़ा में जनरल समाज ने बंद की काल दी थी तो दलित नेताओं ने इसका विरोध यह कह कर किया था कि अगर बंद की काल देनी थी तो दो दिन पहले डिजी केबल की खबरों या फिर अखबारों में ब्यान देकर करते। जिसके चलते माहौल फगवाड़ा में तनावपूर्ण हो गया था और उसके बाद वही ज्वालामुखी 13 अप्रैल 2018 की रात को फूट गया था जब एक युवक की इन दंगो में मौत हो गई थी। अब अगर उस हिसाब से देखा जाए तो शनिवार को की जनरल समाज द्वारा की गई बैठक में उनके नुमाईंदो ने छह सितंबर की बंद की काल का ऐलान कर दिया है और इस संबंधी एक आम बैठक रविवार को करने का भी ऐलान कर दिया है। ऐसे में फगवाड़ा पुलिस के लिए छह सितंबर का दिन चुनौती भरा दिन भी बन सकता है कारण कि 13 अप्रैल के गोली कांड को लेकर दोनों समुदाए के बीच की खटास अभी पूरी तरह से दूर नही हुई है। हालांकि जनरल समाज के लोगों ने इस बाद बंद का ऐलान पांच दिन पहले ही कर दिया है। लेकिन बावजूद इसके लोगों मे चर्चा छिड़ चुकी है कि क्या इस बार शांतिपूर्वक बंद रहेगा या फिर पिछली बार की तरह माहौल तनावपूर्ण बनेगा। अब इन सभी सवालों के जवाब या तो छह सितंबर को मिलेंगे या फिर दूसरी ओर से आनी वाली प्रतिक्रिया के बाद। लेकिन हो जो मर्जी पुलिस के लिए अब छह सितंबर को शांतिपूर्वक निकालना एक बड़ी चुनौती बन गई है।
लुधियाना में 2 किलो सोने की करोड़ों की ठगी, पार्टनरशिप के नाम पर कारोबारी से धोखा
पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना के व्यस्त सर्राफा बाजार से करोड़ों रुपये के सोने की कथित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि ज्वेलरी कारोबार में साझेदारी और भारी मुनाफे का लालच देकर एक कारोबारी से करीब 2 किलो सोना ले लिया गया और बाद में उसे रिश्तेदारों को...









