
बीबीएमबी से हरियाणा को अतिरिक्त 8500 क्यूसेक पानी देने के फैसले का आम आदमी पार्टी के मंत्रियों ने ट्विटर(एक्स) पर भी बड़े पैमाने पर विरोध किया। आप मंत्रियों और नेताओं ने अपने एक्स अकाउंट पर ”पंजाब दा पानी पंजाब दा हक” हैसटैग के साथ मुहिम चलाया और आम लोगों से भी विरोध करने की अपील की।
कुलदीप धालीवाल -“केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार मिलकर पंजाब का पानी गैर-कानूनी तरीके से चोरी करने की कोशिश कर रही है। यह पंजाबियों को प्यासा मारने की इनकी साजिश है। आओ पंजाबियों, मिलकर अपने हक के पानी की चोरी को रोकें और इसका विरोध करें।”
बलजीत कौर-“पंजाब के अधिकारों पर हमला कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम केंद्र सरकार और भाजपा द्वारा बीबीएमबी के माध्यम से पंजाब का पानी जबरन लूटने की साजिश के खिलाफ हर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।”
हरजोत बैंस -“पंजाब का पानी हमारे लोगों की जीवन रेखा है। इसलिए एक भी बूंद पानी अवैध रूप से हरियाणा में नहीं जाने देंगे। हम अपने एक-एक बूंद पानी की रक्षा करेंगे। यह पंजाब के अधिकारों की लड़ाई है।”
हरभजन सिंह ईटीओ -“पंजाब के साथ लगातार भेदभाव और धक्केशाही करने वाली केंद्र की भाजपा सरकार पंजाबियों के धैर्य की परीक्षा न ले। हम बीबीएमबी के दुरुपयोग और केन्द्रीय संस्थाओं की तरह पंजाब के पानी को जबरन हरियाणा को देने के खिलाफ पूरे जी-जान से लड़ेंगे और इस तानाशाही फैसले का डटकर मुकाबला करेंगे।”
डॉ रवजोत -“पंजाब पूरे देश के खाद्य भंडार को भरने वाला राज्य है। इसलिए पंजाब से हरियाणा को जबरन पानी देने के लिए बीबीएमबी का दुरुपयोग भाजपा को महंगा पड़ेगा। आम आदमी पार्टी पंजाब के पानी की रक्षा के लिए किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी।”
मोहिंदर भगत -“केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार को याद रखना चाहिए कि पंजाब के पानी की रक्षा के लिए पंजाब के तीन करोड़ लोग और पंजाब सरकार पूरी तरह एकजुट है। हम बीबीएमबी के माध्यम से पंजाब का पानी हरियाणा को हस्तांतरित करने के विनाशकारी निर्णय का हर मोर्चे पर विरोध करेंगे।”
हरदीप सिंह मुंडियां -“हरियाणा को बीबीएमबी के माध्यम से पानी देने के फैसले का समूचा पंजाब पुरजोर विरोध करता है। यह पानी पंजाब और पंजाबियों के हक का है। केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पंजाब के खिलाफ मिलकर काम कर रही है। हम किसी भी कीमत पर भाजपा द्वारा हमारे अधिकारों की लूट बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
तरूणप्रीत सिंह सोंध -“हरियाणा ने मार्च तक ही अपने हिस्से का लगभग पानी इस्तेमाल कर लिया। अब केन्द्र सरकार द्वारा पंजाब के हिस्से का पानी छीनना पंजाबियों के साथ अन्याय है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि केंद्र की भाजपा सरकार कभी भी पंजाब और पंजाबियों की समर्थक नहीं हो सकती।”








