आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में प्रदेश में गैंगस्टरवाद के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगी है। उन्होंने बताया कि अमृतसर में हुए सरपंच जरनैल सिंह वलटोहा हत्याकांड की गुत्थी को पंजाब पुलिस ने महज 8 दिनों में सुलझाते हुए इस जघन्य अपराध में शामिल सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आप नेता प्रभवीर सिंह बराड़ के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस और जिला पुलिस टीमों की कार्यशैली की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता पंजाब पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्यों की पुलिस के बीच बेहतरीन तालमेल का परिणाम है।
धालीवाल ने बताया कि आरोपी वारदात के बाद बिहार, पटना, नांदेड़ और रायपुर (छत्तीसगढ़) जैसे विभिन्न शहरों में छिपते रहे, लेकिन पंजाब पुलिस ने करीब 110 किलोमीटर तक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर और आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन्हें दबोच लिया।
उन्होंने जानकारी दी कि तरनतारन पुलिस ने इस मामले में कुलविंदर सिंह किंदा, अरमानदीप सिंह और हरप्रीत सिंह को भी गिरफ्तार किया है, जिनकी भूमिका आरोपियों को हथियार और मोटरसाइकिल मुहैया कराने में सामने आई है। वहीं, छत्तीसगढ़ से पकड़े गए दो मुख्य शूटरों को जल्द ही पंजाब लाया जाएगा, जिनसे पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस तरह की वारदातों के पीछे विदेशों में बैठे ऑपरेटरों का हाथ है, जो फंडिंग और हथियारों की व्यवस्था करते हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब में अमन-कानून को भंग करने वालों के लिए केवल दो ही रास्ते हैं—जेल या फिर पुलिस की गोली।
अंत में धालीवाल ने पंजाबवासियों को भरोसा दिलाया कि मान सरकार गैंगस्टरवाद और ड्रग माफिया के खिलाफ एक लंबी और निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पंजाब पुलिस ने अतीत के कठिन दौर में राज्य की रक्षा की थी, उसी तरह आज भी पुलिस दिन-रात मेहनत कर पंजाब में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।









