3 अगस्त को सावन महीने का पहला सोमवार पड़ रहा है। सनातन धर्म में सावन सोमवार को भगवान शिव की विशेष आराधना का दिन माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा और जलाभिषेक करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख, समृद्धि और मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषाचार्य शीतल वर्मा के अनुसार सावन के पहले सोमवार पर केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही विधि, सात्विक आचरण और श्रद्धा के साथ भगवान शिव की उपासना करना भी आवश्यक है।
ज्योतिषाचार्य शीतल वर्मा के अनुसार क्या करें?
1. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ या सफेद वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान कर पूजा का संकल्प लें।
2. शिवलिंग का करें जलाभिषेक
शिवलिंग पर श्रद्धा के साथ—
- शुद्ध जल
- गंगाजल
- कच्चा दूध
- दही
- शहद
से अभिषेक करें।
3. बेलपत्र अवश्य अर्पित करें
तीन पत्तियों वाला साफ और अखंड बेलपत्र भगवान शिव को अर्पित करें। साथ ही धतूरा, आक के फूल और सफेद पुष्प भी चढ़ाना शुभ माना जाता है।
4. करें ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप
कम से कम 108 बार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। यदि संभव हो तो महामृत्युंजय मंत्र और शिव चालीसा का पाठ भी करें।
5. जरूरतमंदों की करें सेवा
गरीबों को भोजन, वस्त्र या फल का दान करें। गौ सेवा और पक्षियों को दाना डालना भी शुभ माना जाता है।
क्या नहीं करना चाहिए?
❌ शिवलिंग पर हल्दी, सिंदूर और कुमकुम न चढ़ाएं।
❌ तुलसी के पत्ते और केतकी (केवड़ा) का फूल अर्पित न करें।
❌ टूटे, सूखे या कीड़े लगे बेलपत्र भगवान शिव को न चढ़ाएं।
❌ क्रोध, झूठ, अपशब्द और किसी का अपमान करने से बचें।
❌ मंदिर में धक्का-मुक्की या दूसरों की पूजा में बाधा न डालें।
किन राशियों को हो सकता है विशेष लाभ?
ज्योतिषाचार्य शीतल वर्मा के अनुसार इस सावन सोमवार पर विशेष रूप से मेष, वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर और मीन राशि के जातकों को भगवान शिव की आराधना से सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। हालांकि उन्होंने कहा कि श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा सभी राशियों के लिए शुभ फलदायी होती है।
विशेष उपाय
यदि नौकरी, व्यापार, विवाह, संतान, स्वास्थ्य या आर्थिक समस्या चल रही हो तो भगवान शिव के समक्ष दीपक जलाकर 11 बेलपत्र अर्पित करें और 108 बार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
ज्योतिषाचार्य शीतल वर्मा का संदेश
“भगवान शिव को केवल भव्य पूजा नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा, सात्विक जीवन और अच्छे कर्म प्रिय हैं। यदि मन निर्मल हो और पूजा पूर्ण आस्था से की जाए तो भोलेनाथ अवश्य कृपा बरसाते हैं।”
— ज्योतिषाचार्य शीतल वर्मा











