पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मौके पर किसानों को हर संभव सुविधा और सहायता देने का भरोसा जताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस बार मंडियों में व्यवस्थाएं पहले से बेहतर होंगी और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किसान विंग के चेयरमैन महिंद्र सिंह सिद्धू ने कहा कि राज्य सरकार ने खरीद सीजन को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की फसल का समय पर उठान (लिफ्टिंग) और भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उन्हें मंडियों में इंतजार न करना पड़े।
सिद्धू ने बताया कि राज्य की करीब 1896 अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर किसान विंग के पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी सरकारी विभागों के साथ तालमेल बनाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसानों को फसल बेचने में किसी तरह की बाधा न आए। साथ ही उन्होंने आढ़तियों से अपील की कि वे फसल का सही तौल करें और ‘जे-फॉर्म’ समय पर जमा करें।
किसानों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं
सरकार का दावा है कि मंडियों में किसानों के लिए पीने का पानी, बिजली और साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा किसानों को दिन के समय बिना रुकावट बिजली सप्लाई दी जा रही है, जिससे उन्हें रात में खेतों में काम करने की जरूरत नहीं पड़ रही।
महिंद्र सिंह सिद्धू ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही 600 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ भी किसान परिवारों को मिल रहा है। साथ ही गांवों के सरकारी स्कूलों में सुधार के कारण किसानों और मजदूरों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
किसान विंग के महासचिव सतबीर सिंह बख्शीवाला ने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में कई-कई रातें बितानी पड़ती थीं। लेकिन मौजूदा सरकार में उठान प्रक्रिया तेज हुई है और किसानों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ रहा।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नहरी पानी और बिजली पर जोर
प्रदेश मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने बताया कि राज्य में नहरी पानी की पहुंच को 22% से बढ़ाकर 88% तक किया गया है। उनका कहना है कि इससे खेती की लागत कम होगी और भूजल संरक्षण में भी मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य इसे 90% से अधिक तक ले जाना है।
पन्नू ने यह भी बताया कि खेतों के बीच बिजली के खंभों की समस्या को हल करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री के पैतृक गांव सतोज से होगी, जिसे बाद में पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा।
खरीद में आएगी तेजी
सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। हालांकि हालिया मौसम के चलते शुरुआती दिनों में धीमापन रहा, लेकिन आने वाले दिनों में आवक और खरीद दोनों में तेजी आने की उम्मीद है।









