पंजाब में होने वाले नगर निगम और निकाय चुनाव इस बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की बजाय बैलेट पेपर के जरिए कराए जाएंगे। राज्य चुनाव आयोग ने मशीनें समय पर उपलब्ध न होने के चलते यह अहम फैसला लिया है। राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो, इसलिए पारंपरिक बैलेट बॉक्स प्रणाली अपनाई गई है।
जानकारी के मुताबिक पंजाब चुनाव आयोग ने EVM मशीनों की मांग आंध्र प्रदेश की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) से की थी। हालांकि कंपनी ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की व्यस्तता का हवाला देते हुए तय समय से पहले मशीनें उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई।
इसके बाद आयोग ने चुनाव समय पर संपन्न करवाने के उद्देश्य से बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराने का निर्णय लिया। चुनाव आयोग के अनुसार यदि 10 मई के बाद EVM मशीनें उपलब्ध होतीं, तो उनके आवंटन और तकनीकी तैयारियों में अतिरिक्त समय लगता, जिससे चुनाव कार्यक्रम प्रभावित हो सकता था।
सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए करीब 4200 मतपेटियां तैयार कर ली हैं। सभी पोलिंग स्टेशनों पर एक-एक मतपेटी रखी जाएगी। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी चुनावी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
गौरतलब है कि पंजाब की 8 नगर निगमों में चुनाव होने हैं। इनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट शामिल हैं। इसके अलावा 76 नगर कौंसिल और 21 नगर पंचायतों के लिए भी मतदान कराया जाएगा।








