पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब भवन में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों के 305 छात्रों ने जेईई मेन 2026 की परीक्षा पहली कोशिश में पास की है। यह संख्या पिछले साल के 187 छात्रों से 63 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने इसे सरकारी स्कूल शिक्षा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह सफलता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रहे शिक्षा सुधारों का नतीजा है। उन्होंने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र के पांच छात्रों ने भी यह परीक्षा पास की है। सरकार योग्य छात्रों के लिए जेईई एडवांस की तैयारी हेतु तीन सप्ताह का विशेष रिहायशी प्रशिक्षण कैंप लगाएगी।
मेहनत और हौसले की कहानियां
मंत्री ने कई छात्रों की सफलता की मिसालें साझा कीं। अमृतसर के स्कूल ऑफ एमिनेंस के छात्र भविष्य ने 98.182 प्रतिशत अंक हासिल किए। उसके पिता मोबाइल मरम्मत की दुकान चलाते हैं और मां कपड़े सिलती हैं। परिवार की सालाना आय करीब डेढ़ लाख रुपये है। आर्थिक तंगी के बावजूद उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी।
बठिंडा के सरकारी स्कूल के छात्र दिलखुश झा ने 95.091 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उसके पिता मजदूर हैं और परिवार की आय करीब 1.2 लाख रुपये सालाना है। उसने स्वअध्ययन और स्कूल की कक्षाओं से तैयारी की।
संगरूर के स्कूल ऑफ एमिनेंस की छात्रा प्रियंका शर्मा ने 96.44 प्रतिशत अंक हासिल किए। वह साइंस की छात्रा है और साथ में नीट की तैयारी भी कर रही है। उसके पिता अकाउंटेंट हैं और मां निजी स्कूल में पढ़ाती हैं।
संगरूर के ही छाजली स्कूल की छात्रा हरमनदीप शर्मा ने 98.75 प्रतिशत अंक हासिल किए। उसने बिना निजी ट्यूशन के केवल स्कूल की मदद से तैयारी की।
अमृतसर की छात्रा पलक कौर ने 90.11 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उसके पिता का देहांत हो चुका है और मां गृहिणी हैं। परिवार की आय एक लाख रुपये से कम है। कठिन हालात के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी।
एसएएस नगर की छात्रा काजल ने 92.66 प्रतिशत अंक हासिल किए। उसके पिता निजी सुरक्षा कंपनी में सुपरवाइजर हैं और परिवार की आय करीब 80 हजार रुपये है। वह आगे चलकर आईआईटी मद्रास से कंप्यूटर साइंस पढ़ना चाहती है।
इसी जिले के छात्र परदीप ने 93.11 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उसके पिता फैक्ट्री में मजदूर हैं। परदीप का सपना है कि वह अच्छी नौकरी पाकर अपने परिवार का सहारा बने।
लड़कियों की बढ़ती भागीदारी
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस बार 134 लड़कियों ने जेईई मेन पास की है। यह संख्या दर्शाती है कि सरकारी स्कूलों में विज्ञान शिक्षा में बेटियों की भागीदारी बढ़ रही है।
विशेष कोचिंग और समर्थन
मंत्री ने कहा कि यह सफलता दो साल की तैयारी, नियमित मॉक टेस्ट, छुट्टियों में मुफ्त रिहायशी कैंप और ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा का परिणाम है। छात्रों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन भी दिया गया।
उन्होंने विश्वास जताया कि जेईई मेन के अगले चरण में यह संख्या और बढ़ सकती है। सभी सफल छात्रों, उनके माता-पिता और शिक्षकों को बधाई दी गई।









