
पंजाब शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। विभाग ने 25 अगस्त 2025 को एक पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि अब कोई भी अधिकारी या कर्मचारी तबादले के बाद नए तैनाती स्थल पर अपने साथ 10–15 साथियों या प्राइवेट व्यक्तियों को लेकर नहीं जाएगा।
विभाग ने पाया कि इस तरह की प्रथा से स्कूलों का शैक्षणिक माहौल बिगड़ता है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। कई बार शिक्षकों की जॉइनिंग के दौरान भीड़ जमा हो जाती थी, जिससे स्कूल का अनुशासन भी बाधित होता था।
शिक्षा विभाग ने इस पर गंभीर संज्ञान लेते हुए इसे तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही निर्देश दिया गया है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हर साल विभाग की ओर से तबादले की प्रक्रिया होती है और कई कर्मचारी अपनी नई जॉइनिंग पर साथियों को भी साथ ले जाते थे। अब इस प्रथा पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
इस फैसले को लेकर कर्मचारियों में जहां निराशा देखने को मिल रही है, वहीं बच्चों के अभिभावक खुश हैं। उनका कहना है कि इससे स्कूलों का शैक्षणिक माहौल सुधरेगा और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित हो सकेगा।