साल 2025 के अंतिम दिन पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीते वर्ष का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में नशा तस्करी, संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाइयों का विस्तृत ब्यौरा साझा किया, साथ ही नए साल के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं और फैसलों की भी जानकारी दी।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में पंजाब पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए हैं। पुलिस ने 55.78 लाख नशीले कैप्सूल, 26 किलो आइस (क्रिस्टल मेथ), 698 किलो अफीम और करीब 35,000 किलो भुक्की जब्त की है। इसके अलावा नशा तस्करी से जुड़े 16.8 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई, जबकि करीब 263 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को फ्रीज किया गया।
उन्होंने बताया कि नशा विरोधी अभियान के तहत लगभग 40,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और करीब 30,000 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस की नीति नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की है और यह अभियान आने वाले समय में और तेज किया जाएगा।
अन्य अपराधों के आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए डीजीपी ने बताया कि साल 2025 में राज्य में 680 हत्याएं, 1,583 अपहरण और 944 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा स्नैचिंग की 1,866 घटनाएं सामने आईं, जिनमें 992 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस ने 2025 के दौरान 19 आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस दौरान 131 आतंकियों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुल 197 बरामदगियां की गईं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 आईईडी, 11.62 किलो आरडीएक्स और 54 हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं।
डीजीपी ने आने वाले वर्ष की प्राथमिकताओं पर बात करते हुए कहा कि फर्जी वीजा और विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ड्रोन के जरिए हथियारों और नशे की तस्करी पर रोक लगाने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस के लिए एक नई साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी तैयार की जा रही है और पुलिस को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाया जाएगा। इसके अलावा हेड कांस्टेबलों को भी इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर की शक्तियां देकर जांच व्यवस्था को मजबूत किया गया है।









