
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए पंजाब ने हर दौर में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने न केवल भारतीय सशस्त्र बलों को बहादुर जवान और जांबाज अधिकारी दिए हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपने सर्वोच्च बलिदान से भी कभी पीछे नहीं हटे।
यह बातें मुख्यमंत्री ने नेशनल डिफेंस कॉलेज नई दिल्ली से आए एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कहीं। यह प्रतिनिधिमंडल 2 से 6 फरवरी तक पंजाब के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हालात का अध्ययन करने के उद्देश्य से राज्य के दौरे पर है।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब की धरती वीरों, संतों और शहीदों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि यह राज्य गुरुओं, पीरों और संत-महापुरुषों की शिक्षाओं से प्रेरित है, जहां भाईचारा और आपसी सम्मान समाज की मूल पहचान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस अध्ययन दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को “भारत की खड़गभुजा और अन्नदाता” कहा जाता है। यहां के नौजवान सीमाओं की रक्षा करते हैं, जबकि किसान देश का पेट भरने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों का राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में बड़ा योगदान है और देश के केंद्रीय अनाज भंडार में लगभग 40 प्रतिशत अनाज पंजाब से जाता है।
उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक सच्चाई है कि देश की आजादी की लड़ाई में सबसे अधिक बलिदान पंजाबियों ने दिए। आज भी देश की सुरक्षा में पंजाब के सैनिक अग्रिम मोर्चों पर तैनात रहते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब की बहादुरी और कुर्बानी की परंपरा का कोई मुकाबला नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब एक शांतिप्रिय राज्य है। यहां नफरत और विभाजन की राजनीति को कभी जमीन नहीं मिली। सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद पंजाब ने हमेशा शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया है। कठिन परिस्थितियों में भी यहां के लोगों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर समाज को मजबूत किया है।
उन्होंने पवित्र शहर अमृतसर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सरब-सांझीवालता का प्रतीक है। यहां श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल और जल्लियांवाला बाग जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जो पंजाब की साझा विरासत को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक ऐसे देश के साथ 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जिसके बावजूद राज्य ने हमेशा धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि यहां की सामाजिक एकता ही पंजाब की सबसे बड़ी ताकत है।
नेशनल डिफेंस कॉलेज के इस अध्ययन दौरे को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रतिनिधिमंडल को राज्य से लेकर गांव स्तर तक प्रशासन, शासन व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में कुल 16 अधिकारी शामिल हैं, जिनमें से पांच विदेशी अधिकारी हैं।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रतिनिधिमंडल में बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया और नेपाल से एक-एक अधिकारी शामिल हैं। भारतीय अधिकारियों में सेना, नौसेना, वायुसेना और विभिन्न सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। इस अध्ययन कोर्स में राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक विषय, आर्थिक सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा की जाती है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को सम्मानित किया और उनके सुखद एवं सुरक्षित प्रवास की कामना की।










