
चंडीगढ़: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 के बाद राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आम आदमी पार्टी के शासन मॉडल और केंद्र की भाजपा सरकार के वादों के बीच स्पष्ट अंतर बताया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की राजनीति “गारंटी की पवित्रता” पर आधारित है, जबकि भाजपा के कई वादे सिर्फ जुमले साबित हुए हैं।
पंजाब विधानसभा के पंजाबी भाषा हॉल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने जनता से किए गए चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने कार्यकाल के चार वर्षों में कई गारंटियों को पूरा किया है और अब पांचवीं गारंटी के रूप में “मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना” शुरू की गई है।
इस योजना के तहत पंजाब की सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी। सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और परिवार में उनकी भूमिका को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वित्त मंत्री चीमा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन उन्हें लागू करने में पार्टी नाकाम रहती है। उन्होंने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं किया गया।
चीमा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ईमानदार और काम की राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी सरकार आम लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि पंजाब का बजट 2026-27 इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनता के हित में फैसले लेकर आर्थिक सशक्तिकरण और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।








