
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने जालंधर जिले में कड़े एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रशासन ने जिले को अस्थायी रूप से ‘नो फ्लाइंग ज़ोन’ घोषित कर दिया है। यह आदेश अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट–कम–अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अमनिंदर कौर बराड़ द्वारा जारी किए गए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार, यह प्रतिबंध 30 जनवरी 2026 से 1 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान जालंधर जिले की सीमाओं के भीतर किसी भी प्रकार के ड्रोन, मानव रहित विमान, सिविल रिमोट पायलट एयरक्राफ्ट सिस्टम, निजी या व्यावसायिक हैलीकॉप्टर और अन्य सभी सिविल उड़ानों पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश प्रधानमंत्री एवं अन्य वी.वी.आई.पी. की सुरक्षा ड्यूटी में लगे विमानों और हैलीकॉप्टरों पर लागू नहीं होंगे। इसके अलावा, आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और निर्धारित अवधि के दौरान नियमों का पूरी तरह पालन करें।









