
गत शाम करीब साढ़े 5 बजे अपरा व क्षेत्र के निवासियों ने पुलिस चौकी के बाहर उस समय विरोध प्रदर्शन किया जब अपरा के सरपंच विनय कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि पुलिस चौकी अपरा के इंचार्ज द्वारा उनके साथ बदसलूकी की गई है। सरपंच विनय कुमार ने कहा कि वे एक मामले में सरपंच के तौर पर पुलिस चौकी में आए थे। इस बीच जब वे बातचीत कर रहे थे तो चौकी प्रभारी सब-इंस्पैक्टर साहिबमीत सिंह ने नाराज होकर गाली-गलौच व धमकी देते हुए मुख्य कमरे से बाहर निकाल दिया। उन्होंने पुलिस चौकी अपरा के प्रभारी को कई बार अवगत कराया था कि अपरा व आसपास के गांवों में खुलेआम नशा तस्करी हो रही है लेकिन चौकी प्रभारी ने उसे कहा कि खुद नशा तस्करों को पकड़िए।
उन्होंने खुलेआम आरोप लगाया कि अपरा पुलिस चौकी के कर्मचारियों की नशा तस्करों से सांठगांठ है। इस दौरान अमृत पाल भोसले, खुशी राम सरपंच, तीरथ राजपुरा, तिलक राज अप्परा, बलविंदर शिरा, तीरथ मेंगरा, गोल्डी दादरा, मुकेश दादरा, राजू अपरा सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोग एकत्रित हुए और पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उक्त चौकी प्रभारी को बर्खास्त किया जाए।
वहीं चौकी इंचार्ज साहिबमीत सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि अप्परा निवासी एक लड़की अपनी गाड़ी में फिल्लौर की तरफ जा रही थी कि मुकंदपुर की तरफ से आ रहे एक व्यक्ति के साथ उसकी कार का एक्सीडैंट होते-होते बच गया तथा उक्त लड़की वहां से भाग निकली।
सरपंच के घर के पास रहने वाली लड़की के पास दूसरी कार का ड्राइवर आया और उसने पूछा कि क्या वह गलत तरीके से गाड़ी चलाने के कारण उसे और उसकी पत्नी को मारना चाहती है जिसके कारण उनमें आपस में बहस होने लगी और लोग इकट्ठा होने लगे। इसी बीच अपरा के सरपंच के पिता जो किसी काम से फिल्लौर जा रहे थे, वह भी एकत्रित लोगों को देखकर रुक गए। उन्होंने दोनों पक्षों से केवल इतना कहा कि यदि आप कोई निर्णय नहीं ले पाते हैं तो आप पुलिस के पास जा सकते हैं। लड़की ने यह समझ लिया कि पूरे मामले के पीछे अपरा के सरपंच का हाथ है और उसने सरपंच और उसके पिता के खिलाफ सोशल मीडिया फेसबुक पर एक गलत पोस्ट डाल दी। इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद तीनों पक्षों को समय दिया गया। उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि उन्होंने सरपंच विनय के साथ दुर्व्यवहार किया या उन्हें धमकाया।








