
एक एन.आर.आई. परिवार के साथ 1.42 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें रद्द की गई पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग कर कई फर्जी रजिस्ट्रियां करवाई गईं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 4 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🔍 क्या है मामला?
शिकायतकर्ता जसविन्दर सिंह पुत्र मुनशी राम, निवासी गांव सलोह, ने एस.एस.पी को दी शिकायत में बताया कि वह इंग्लैंड निवासी यादविन्दर सिंह गिल का मुख्तार-ए-खास है। यादविन्दर सिंह और उनके भाई राजन याफरी ने 31 जुलाई 2023 को जसपाल सिंह पुत्र राम सिंह के पक्ष में जमीन बेचने संबंधी पावर ऑफ अटॉर्नी दी थी।
लेकिन बाद में, 3 दिसंबर 2024 को गवाहों की मौजूदगी में उक्त पावर ऑफ अटॉर्नी को लिखित रूप से रद्द कर दिया गया था। बावजूद इसके, जसपाल सिंह ने मोहन लाल और हरदीप सिंह के साथ मिलकर 22 दिसंबर को दो फर्जी रजिस्ट्रियां कर दीं। इसके बाद, यादविन्दर सिंह के पिता बलवंत सिंह की मृत्यु 9 जनवरी 2025 को हो गई। इसी दिन जसपाल सिंह ने फिर से एक रजिस्ट्री करवाई — जबकि उन्हें रद्दीकरण और बलवंत की मौत की जानकारी थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने इस रद्द की गई पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग करके और भी रजिस्ट्रियां की हैं, जिससे परिवार को करीब 1.42 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
👮♂️ कानूनी कार्रवाई
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थाना: सिटी नवांशहर
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आरोपी: जसपाल सिंह, मोहन लाल, हरदीप सिंह, रविन्दर सिंह
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धाराएं:
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धारा 318(4)
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धारा 61(2) BNS एक्ट
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स्थिति: FIR दर्ज, पुलिस जांच जारी








