
पंजाब में युवाओं को पारदर्शी और मेरिट आधारित सरकारी नौकरियाँ देने के संकल्प के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली सरकार ने ‘मिशन रोज़गार’ के अंतर्गत एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गुरुवार को मोहाली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों में चयनित 916 नव-नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अब तक 63,943 युवाओं को बिना किसी रिश्वत और सिफ़ारिश के सरकारी नौकरियाँ दे चुकी है और यह प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछली सरकारों के दौर में सरकारी नौकरी योग्यता नहीं, बल्कि पैसे और सियासी सिफ़ारिश से मिलती थी। इसका सबसे बड़ा नुकसान पंजाब के होनहार युवाओं को हुआ, जिनके सपने और मेहनत दोनों कुचले गए। उन्होंने कहा, “आज जब लोग ‘झाड़ू’ का बटन दबाकर हमें सत्ता में लाए हैं, तब हर नागरिक को उसका बनता हक़ मिल रहा है। पहले तो उम्मीद करना भी बेकार था।”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि दशकों तक सत्ता पर काबिज़ रहे लोगों ने अपने रिश्तेदारों और चहेतों को नौकरियाँ देकर आम युवाओं के हक़ छीने। उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने जिस बराबरी और न्यायपूर्ण समाज का सपना देखा था, वह लंबे समय तक अधूरा रहा। “आज हमें इस बात का अफ़सोस होता है कि आज़ादी के 70 साल बाद भी युवाओं को अपने अधिकारों के लिए भटकना पड़ा, लेकिन अब हालात बदले हैं,” मुख्यमंत्री ने कहा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पद संभालने के बाद से उनकी सरकार का एकमात्र लक्ष्य युवाओं को रोज़गार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना रहा है। बीते चार वर्षों में 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं, जो पंजाब के इतिहास में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में आई स्थिरता और सम्मान का प्रतीक है।
नव-नियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन उनके जीवन का स्वर्णिम दिन है। उन्होंने चयनित उम्मीदवारों से ईमानदारी, निष्ठा और सेवा भावना के साथ काम करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ये सभी युवा पंजाब सरकार के परिवार का हिस्सा हैं और उनसे प्रदेश की जनता को बड़ी उम्मीदें हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी कार्यक्रम की झलकियां साझा करते हुए लिखा कि मोहाली में 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं और आने वाले दिनों में और भी युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी जाएंगी। उन्होंने दोहराया कि ‘मिशन रोज़गार’ के तहत हर नियुक्ति पूरी तरह मेरिट के आधार पर की गई है।
सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार केवल नौकरियाँ देने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों का जीवन आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत अब पंजाब के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है। पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे दोगुना कर दिया गया है। इस योजना से करीब 65 लाख परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने अब तक 19 टोल प्लाज़ा बंद कर दिए हैं, जिससे पंजाब के लोगों की रोज़ाना लगभग 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। इसके अलावा पूरे राज्य में 881 आम आदमी क्लिनिक खोले जा चुके हैं, जहां लोगों को मुफ्त इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। जुलाई 2022 से राज्य के 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली दी जा रही है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि विरोधी दल सरकार के कामों में कमियां ढूंढने में लगे रहते हैं, लेकिन उन्हें मुफ्त बिजली, शानदार स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं और बंद किए गए टोल प्लाज़ा नजर नहीं आते। उन्होंने कहा कि जनता सच्चाई जानती है और सरकार के कामों का जवाब समय आने पर देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती ने देश को महान खिलाड़ी, सेनानायक, परोपकारी और देशभक्त दिए हैं। उनकी सरकार इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए युवाओं को रोजगार और सम्मान देना चाहती है। उन्होंने कहा कि बेरोज़गारी कई सामाजिक बुराइयों की जड़ है और सरकार इसे जड़ से खत्म करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
पारदर्शिता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक दी गई लगभग 64 हजार नौकरियों में से एक भी नियुक्ति को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई है। यह इस बात का प्रमाण है कि सभी भर्तियां निष्पक्ष, पारदर्शी और केवल योग्यता के आधार पर की गई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि केवल चार वर्षों में किसी सरकार ने इतनी बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियाँ दी हों।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सिफ़ारिश की राजनीति से दूर रहकर काम कर रही है और आगे भी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए ऐसे ही फैसले लिए जाते रहेंगे।












