
पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार द्वारा शुरू की गई ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम लगातार सख्त होती जा रही है। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस विशेष अभियान के तहत अब तक 3,520 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, 1,599 को एहतियातन हिरासत में लिया गया है और 104 गैर-कानूनी हथियार बरामद किए गए हैं।
बलतेज पन्नू ने कहा कि मान सरकार गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई कर रही है। उन्होंने साफ किया कि गैंगस्टरों को शरण देने, उन्हें मदद पहुंचाने या किसी भी तरह का संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। यह कार्रवाई न तो रुकेगी और न ही कमजोर होगी।
आप नेता ने आरोप लगाया कि एक ओर राज्य सरकार कानून-व्यवस्था मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेता खुलेआम गैंगस्टर परिवारों से नजदीकी बढ़ा रहे हैं। पन्नू ने कहा कि अकाली दल बादल का इतिहास पंजाब में अशांति फैलाने वाले तत्वों को संरक्षण देने से जुड़ा रहा है। उन्होंने 1978, 1984, 1989, 1996 और 2015 के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि हर बार गलत तत्वों को सख्ती से रोकने के बजाय राजनीतिक संरक्षण दिया गया।
हालिया घटनाओं पर निशाना साधते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि यह हैरान करने वाला है कि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, जो कुछ समय पहले पंजाब पुलिस अधिकारियों को धमकाने को लेकर चर्चा में थे, अब गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रहे हैं। उन्होंने इसे दोहरा रवैया और राजनीतिक पाखंड करार दिया।
पन्नू ने पंजाब में गैंगस्टरवाद से जुड़ी कई बड़ी घटनाओं का उल्लेख किया, जिनमें पुलिस अधिकारियों पर हमले, किडनैपिंग की वारदातें और नाभा जेल ब्रेक जैसी घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी मामले पिछली सरकारों के दौरान गैंगस्टरों और राजनीतिक संरक्षण के बीच मजबूत गठजोड़ को उजागर करते हैं।
उन्होंने तरनतारन उपचुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय अकाली दल बादल ने मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश की थी। पन्नू के मुताबिक अब एक गैंगस्टर परिवार में हाल ही में हुई शादी की तस्वीरों ने सच्चाई सबके सामने ला दी है, जिन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया गया।
बलतेज पन्नू ने अमृतसर में अमृतपाल सिंह बाठ की बहन की शादी के समारोह की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि इसमें सुखबीर सिंह बादल, विरसा सिंह वल्टोहा, गनीव कौर मजीठिया, रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की मौजूदगी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
एसजीपीसी प्रधान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पन्नू ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि वे वहां किसी धार्मिक संस्था के प्रमुख के रूप में गए थे या किसी राजनीतिक नजदीकी के तहत। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं को अपराध और फिरौती से जुड़े तत्वों से नैतिक दूरी बनाए रखनी चाहिए।
अंत में बलतेज पन्नू ने पंजाब के लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि जब-जब राज्य मुश्किल दौर से गुजरा है, अकाली दल बादल की भूमिका को जनता ने देखा है। उन्होंने कहा कि मान सरकार कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेगी और पंजाब को फिर से अस्थिर करने की किसी भी कोशिश को सख्ती से कुचला जाएगा।









