पंजाब के लुधियाना जिले में सिख समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी का मामला सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। इस मामले में थाना लाडोवाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर शिवसेना नेता राजीव टंडन, भानु प्रताप और पवन मान के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, लाडोवाल टोल प्लाजा पर आरोपी चेतन शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सिख जत्थेबंदियों ने धरना-प्रदर्शन किया था। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें शिकायतकर्ताओं के अनुसार तीनों नेताओं ने सिख समुदाय और उनके धार्मिक प्रतीकों के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।
वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न सिख संगठनों और समुदाय के लोगों में नाराजगी फैल गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो में की गई कथित टिप्पणियों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप
पुलिस को दी गई शिकायत में भवदीप सिंह ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश है। शिकायत में कहा गया है कि कथित भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल कर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
सिख संगठनों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
वायरल वीडियो के बाद कई सिख संगठनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। संगठनों का कहना है कि धार्मिक प्रतीकों का कथित अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो, उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।










