
स्कूली बच्चों और युवा पीढ़ी में तेजी से बढ़ रहे ई-सिगरेट (वेप) और हुक्का बार के चलन पर लगाम कसने के लिए लुधियाना पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) रूपिंदर सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कमिश्नरेट लुधियाना के अधिकार क्षेत्र में विशेष आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार, सभी स्कूल परिसरों और हुक्का बारों में नाबालिगों द्वारा ई-सिगरेट, तंबाकू, शराब, सिगरेट और किसी भी प्रकार के रसायनों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही अवैध रूप से संचालित हुक्का बारों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने लोकहित को ध्यान में रखते हुए स्थानीय बाजार में ई-सिगरेट की बिक्री पर भी रोक लगा दी है।
इन आदेशों की खास बात यह है कि अब कार्रवाई केवल नशा करने वालों तक सीमित नहीं रहेगी। यदि किसी हुक्का बार में नाबालिग नशा करते पाए जाते हैं, तो इसके लिए बार मालिक और वहां का स्टाफ सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। वहीं, स्कूल परिसरों में ऐसी गतिविधि सामने आने पर स्कूल प्रबंधन और स्टाफ के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बच्चों को नशे से दूर रखना अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है। यदि कोई नाबालिग नशे से जुड़े मामले में पकड़ा जाता है, तो उसके माता-पिता के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।








