
लोकसभा में मंगलवार को भारी हंगामे के बीच कांग्रेस पार्टी के आठ सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया गया। इन सांसदों पर आरोप है कि उन्होंने सदन की मर्यादा का उल्लंघन किया और स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंके। संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबन का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने मंजूरी दे दी। बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलना है।
हंगामे की शुरुआत तब हुई जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पूर्व थल सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की एक अप्रकाशित पुस्तक के कथित अंशों का हवाला देने से रोक दिया गया। ये अंश 2020 के भारत-चीन सीमा विवाद से जुड़े बताए गए। राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने पर कांग्रेस सांसदों ने विरोध जताया, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गया।
इस दौरान सदन में कागज फाड़े गए और स्पीकर की ओर फेंके गए। इसके बाद कार्रवाई करते हुए गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, डीन कुरियाकोस, किरण कुमार रेड्डी, वेंकट रमन, मणिकम किशोर, प्रशांत पडोले और हिबी ईडन को निलंबित कर दिया गया।
निलंबन के विरोध में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लगातार शोर-शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।









