आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के हालिया बयानों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब कांग्रेस में एकता की बातें पूरी तरह दिखावा और जनता को भ्रमित करने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि पंजाब कांग्रेस आज गुटबाजी और आपसी खींचतान का अखाड़ा बन चुकी है।
शुक्रवार को जारी बयान में धालीवाल ने कहा कि सुखजिंदर रंधावा दावा कर रहे हैं कि पंजाब कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और राहुल गांधी या पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल जिसे भी मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करेंगे, सभी उसे स्वीकार करेंगे। लेकिन कुछ ही दिन पहले एक टीवी इंटरव्यू में रंधावा खुद यह कह चुके हैं कि वे प्रदेश अध्यक्ष भी बनना चाहते हैं और मुख्यमंत्री भी। धालीवाल ने सवाल उठाया कि जो नेता अपनी निजी महत्वाकांक्षाओं को काबू में नहीं रख पा रहा, वह एकता की बात किस आधार पर कर रहा है?
धालीवाल ने कहा कि समस्या सिर्फ रंधावा तक सीमित नहीं है। पंजाब कांग्रेस के लगभग हर बड़े नेता—चाहे वह राजा वड़िंग हों, चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा या राणा गुरजीत सिंह—सबके अपने-अपने गुट हैं और सभी कुर्सी की राजनीति में लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में न कोई साझा एजेंडा है और न ही पंजाब के हितों को लेकर कोई स्पष्ट सोच, बल्कि हर नेता खुद को मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर देखने में जुटा है।
आप नेता ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की यही कुर्सी की भूख पहले पंजाब को बर्बाद करती रही और अब पार्टी को भीतर से खोखला कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास गवाह है कि पिछले दशकों में पार्टी ने केवल गुटबाजी, आपसी टकराव और सत्ता संघर्ष ही देखा है।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने सुखजिंदर रंधावा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें सच में पंजाब की चिंता है, तो वे सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करें कि पार्टी जिसे भी मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाएगी, वे बिना किसी शर्त उसे स्वीकार करेंगे।
धालीवाल ने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में आम आदमी पार्टी सरकार ने जनहित में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विकास की रफ्तार और तेज होगी। 2027 में चाहे कांग्रेस के गुट एक हों या बिखरे रहें, पंजाब की जनता काम के आधार पर एक बार फिर आम आदमी पार्टी को ही सत्ता सौंपेगी।









