
चंडीगढ़: पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन की चाह रखने वाले श्रद्धालुओं में निराशा का माहौल है। वर्ष 2019 में कॉरिडोर खुलने के बाद जहां श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली थी, वहीं कई बार बंद होने की वजह से संगत में गहरी नाराज़गी है। खासकर, बीते पांच महीनों से कॉरिडोर बंद होने से श्रद्धालु गुरु नानक साहिब की जन्मभूमि के दर्शन से वंचित हैं।
❌ कब और क्यों बंद हुआ कॉरिडोर?
-
अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने 7 मई को करतारपुर कॉरिडोर बंद कर दिया।
-
अगस्त में रावी दरिया की बाढ़ से भारत-पक्ष को भारी नुकसान हुआ और गुरुद्वारा करतारपुर साहिब परिसर में भी पानी भर गया।
-
हालांकि, पाकिस्तान की ओर से गुरुद्वारा साहिब की सफाई कर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए, लेकिन भारत-पक्ष से कॉरिडोर अब तक बंद है।
🙏 श्रद्धालुओं की नाराज़गी
श्रद्धालु सवाल उठा रहे हैं कि:
-
धार्मिक स्थलों के दर्शन पर रोक क्यों है?
-
जब भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच और व्यापारिक गतिविधियाँ जारी रह सकती हैं, तो आस्था के मार्ग को क्यों बंद रखा गया है?
📢 नेताओं ने उठाई आवाज़
-
कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कॉरिडोर खोलने की अपील की।
-
AAP विधायक गुरदीप सिंह रंधावा ने केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने की मांग रखी।
-
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा, “जब क्रिकेट मैच हो सकते हैं तो सिख श्रद्धालुओं को पवित्र स्थलों के दर्शन से क्यों रोका जा रहा है?”
🌸 निरंतर बढ़ रही है मांग
पंजाब की राजनीतिक व धार्मिक पार्टियां लगातार केंद्र सरकार से अपील कर रही हैं कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए करतारपुर कॉरिडोर तुरंत खोला जाए।








