
जालंधर। लंबे समय से न्यायालयी प्रक्रिया में उलझे जालंधर के विधायक रमन अरोड़ा को आखिरकार बड़ी राहत मिली है। पार्किंग ठेकेदार से जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तारी के बाद से लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रहे रमन अरोड़ा को अदालत ने 25,000 रुपये के बेल बॉन्ड पर जमानत मंजूर कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, रमन अरोड़ा पर एक पार्किंग ठेकेदार से दबाव बनाकर पैसे वसूलने का आरोप लगा था। इस मामले में जालंधर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद कई बार कोर्ट में पेशियां हुईं और जांच एजेंसियों ने उनका रिमांड भी लिया। इसी बीच, उनके वकीलों ने जमानत याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने फिलहाल उन्हें राहत दी है।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा
यह मामला शुरुआत से ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां कुछ लोग इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से देरी हुई। अदालत ने भी साफ किया है कि फिलहाल यह केवल अंतरिम जमानत है, और अंतिम फैसला गवाहों और सबूतों के आधार पर ही होगा।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत में जब अंतिम सुनवाई होगी तो पूरा मामला सबूतों और गवाहों के आधार पर तय किया जाएगा। ऐसे में रमन अरोड़ा की राजनीति पर इस केस का असर जारी रह सकता है।








