
जालंधर: ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध के बीच विदेश में फंसे जालंधर के उद्योगपतियों के परिवारों ने राहत की सांस ली है। जालंधर के कई उद्योगपति, जो जर्मनी में आयोजित होने वाली एक बड़ी हैंड-टूल प्रदर्शनी में भाग लेने जा रहे थे, युद्ध के कारण बीच रास्ते में ही दोहा और दुबई में फंस गए थे। हालांकि अब सभी उद्योगपति सुरक्षित रूप से भारत लौट आए हैं।
जानकारी के अनुसार जालंधर के कम से कम 7 उद्योगपति युद्ध के चलते यात्रा बाधित होने के कारण खाड़ी देशों में फंस गए थे। यह सभी उद्योगपति जर्मनी में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय हैंड-टूल एग्जीबिशन में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन ईरान-इजराइल तनाव के कारण कई फ्लाइट्स प्रभावित हो गईं और उन्हें अपनी यात्रा बीच में ही रोकनी पड़ी।
बताया जा रहा है कि फंसे हुए उद्योगपतियों में RP ओवरसीज के इंदर पाल सिंह भाटिया, रोमी भाटिया और जोतिंदर सिंह भाटिया, विशाल टूल्स प्राइवेट लिमिटेड के वैभव मल्होत्रा, राघव शूर और केशव शूर, विक्टर फोर्जिंग्स के अर्जुन कुमार तथा दुबई स्थित वैध एंटरप्राइजेज के मिकी वैध शामिल थे।
5 दिन तक कतर में फंसे रहे
RP ओवरसीज के इंदर पाल सिंह भाटिया ने बताया कि युद्ध के कारण उनकी आगे की यात्रा रुक गई और वे करीब पांच दिन तक कतर के दोहा में फंसे रहे। हालात सामान्य न होने के कारण उन्हें वहां से बाहर निकलने के लिए काफी प्रयास करने पड़े।
उन्होंने बताया कि बाद में वे टैक्सी के जरिए सऊदी अरब पहुंचे, जहां से उन्हें भारत के लिए फ्लाइट मिल सकी। इसके बाद वे मुंबई पहुंचे और फिर अमृतसर होते हुए जालंधर वापस लौटे।
परिवारों ने ली राहत की सांस
उद्योगपतियों के सुरक्षित लौटने पर उनके परिवारों और व्यापारिक समुदाय ने राहत महसूस की। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता इकबाल सिंह अरनेजा ने भी उद्योगपतियों की सुरक्षित वापसी पर खुशी जताई और कहा कि युद्ध जैसे हालात में विदेश में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी सबसे बड़ी राहत होती है।








