
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कथित भारत-अमेरिका डील से पंजाब के किसानों को नुकसान होगा। चीमा के अनुसार यदि सस्ता अमेरिकी दूध पाउडर, पनीर और अनाज भारतीय बाजार में आया तो स्थानीय किसानों की आय पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे हालात में पंजाब का किसान कहां जाएगा।
चीमा ने कहा कि पंजाब ने पिछले कई दशकों से देश के खाद्यान्न भंडार में बड़ा योगदान दिया है। गेहूं और धान की खरीद में राज्य की भूमिका अहम रही है। उन्होंने कहा कि जो किसान देश का पेट भरता है, उसके हितों से समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने अमेरिकी कृषि सचिव ब्रूक रोलिंस के एक सार्वजनिक बयान का हवाला देते हुए कहा कि यदि इस समझौते से अमेरिकी किसानों को लाभ की बात की जा रही है, तो भारतीय किसानों के हितों पर भी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। चीमा ने मांग की कि केंद्र सरकार इस डील से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करे ताकि देश के लोग सच्चाई जान सकें।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष Sunil Jakhar पर निशाना साधते हुए चीमा ने कहा कि राज्य के लोगों को साफ जानकारी दी जाए कि इस समझौते से पंजाब को क्या लाभ होगा। उन्होंने भाजपा नेतृत्व से खुले मंच पर बहस की भी चुनौती दी।
चीमा ने टैरिफ और आयात-निर्यात की शर्तों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि व्यापारिक फैसलों में किसानों के हित सर्वोपरि होने चाहिए। उनका कहना था कि पंजाब के लोग अन्नदाता के सम्मान से कोई समझौता नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और हर गांव तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।








