
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के सीनेट चुनावों की तारीख न घोषित करना लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को कमजोर करने की जो कोशिशें की हैं, वे पंजाब और पंजाबियों की भावनाओं का अपमान हैं।
🎓 “सीनेट चुनावों में देरी, लोकतांत्रिक संरचना पर हमला” — हरभजन सिंह ईटीओ
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पीयू सीनेट के 91 सदस्यों का कार्यकाल 31 अक्तूबर 2024 को समाप्त हो चुका है, लेकिन अब तक नई चुनाव तिथियों की घोषणा नहीं की गई है।
उन्होंने कहा,
“यह देरी विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक ढांचे को पंगु बनाने की साजिश है। भाजपा सरकार को लोकतंत्र की परंपराओं का सम्मान करना चाहिए, अन्यथा जनता उसे करारा जवाब देगी।”
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि केंद्र ने पहले जारी विवादित अधिसूचना को रद्द कर एक कदम पीछे लिया है, लेकिन चुनाव की तारीख घोषित न करना अब भी उसकी मंशा पर सवाल उठाता है।
⚖️ “पंजाब सरकार छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है”
हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार छात्रों और शिक्षाविदों के हितों की रक्षा के लिए हर मंच पर सक्रिय है।
“हम किसी भी कीमत पर विश्वविद्यालय की संघीय संरचना को कमजोर नहीं होने देंगे। यह संस्था पंजाब की शैक्षिक और बौद्धिक अस्मिता का प्रतीक है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘आप’ सरकार पीयू की स्वायत्तता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली की बहाली के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
🚨 “विरोध जारी रहेगा”
मंत्री ने चेतावनी दी कि जब तक चुनावों की तारीखों की घोषणा नहीं होती, तब तक केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा को समझना चाहिए कि शिक्षा और लोकतंत्र किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं, बल्कि जन अधिकार हैं।








