पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को ई-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार पर ई-20 पेट्रोल को बिना पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन के देशभर में लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे आम वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार स्वयं संसद में स्वीकार कर चुकी है कि ई-20 पेट्रोल के उपयोग से वाहनों की माइलेज प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे में उपभोक्ताओं को बिना विकल्प दिए इस ईंधन को लागू करना उचित नहीं है।
अमेरिकी व्यापार समझौते का लगाया आरोप
विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि ई-20 नीति के पीछे अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते की भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से बड़े पैमाने पर इथेनॉल आयात करेगा और इसी कारण इस नीति को जल्दबाजी में लागू किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी है जिसके कारण केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में फैसले ले रही है।
विधानसभा ने पारित किया प्रस्ताव
पंजाब विधानसभा ने चर्चा के बाद एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से मांग की कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 पेट्रोल दोनों में से अपनी पसंद का विकल्प दिया जाए। साथ ही विधानसभा ने यह भी सुझाव दिया कि ई-20 पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम रखी जाए ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
‘बिना वैज्ञानिक अध्ययन के लागू की गई नीति’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-20 पेट्रोल को लागू करने से पहले केंद्र सरकार ने न तो किसी स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन का हवाला दिया और न ही किसी प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान से इसकी पुष्टि कराई कि यह पुराने वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
उन्होंने दावा किया कि विभिन्न सर्वेक्षणों में बड़ी संख्या में वाहन चालकों ने माइलेज घटने और इंजन संबंधी समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई है।
केंद्र के दावे पर उठाए सवाल
भगवंत मान ने कहा कि पहले केंद्र सरकार यह कहती रही कि माइलेज का आकलन केवल वाहन निर्माता कंपनियां कर सकती हैं, लेकिन बाद में संसद में स्वीकार किया गया कि ई-20 पेट्रोल के कारण माइलेज में कमी आ सकती है। उन्होंने इसे सरकार के रुख में विरोधाभास बताया।
केजरीवाल का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं और इस संबंध में बड़ी संख्या में लोगों के हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
टोल प्लाजा का भी दिया उदाहरण
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे नागरिकों को टोल सड़क और बिना टोल वाली सड़क चुनने का अधिकार मिलता है, उसी तरह पेट्रोल पंपों पर भी उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 के बीच चयन करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पहले ही राज्य में 19 टोल प्लाजा बंद कर चुकी है, जिससे लोगों को प्रतिदिन लाखों रुपये की बचत हो रही है।
केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव प्रधानमंत्री, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा अन्य संबंधित विभागों को भेजा जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।












