
पंजाब पुलिस के निलंबित अधिकारी Harcharan Singh Bhullar से जुड़े कथित रिश्वत मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस मामले के सह-आरोपी बिचौलिए कृष्णु शारदा और उनकी पत्नी हनी शर्मा के बैंक और पोस्ट ऑफिस खातों को डी-फ्रीज करने की अर्जी अदालत ने मंजूर कर ली है।
दोनों आरोपियों ने अपने-अपने खातों को चालू कराने के लिए अदालत में अलग-अलग आवेदन दायर किए थे, जिन पर सुनवाई के बाद अदालत ने राहत देते हुए खाते डी-फ्रीज करने के आदेश दिए। वहीं डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की ओर से दायर अर्जी पर अभी भी सुनवाई जारी है, जिसका केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी Central Bureau of Investigation पहले ही विरोध कर चुका है।
मामले में अब तक पांच बैंक खातों को डी-फ्रीज करने के आदेश जारी हो चुके हैं, जबकि तीन अन्य खातों को लेकर अदालत में सुनवाई अभी लंबित है।
इस बीच कृष्णु शारदा ने अदालत में एक और अर्जी दाखिल कर मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन को सुरक्षित रखने की मांग की है। बचाव पक्ष ने सीबीआई के वैरिफिकेशन अधिकारी का मोबाइल नंबर उपलब्ध करवाने की मांग भी की थी, जिसका सीबीआई ने विरोध किया। हालांकि अदालत ने सीबीआई की आपत्ति खारिज करते हुए संबंधित अधिकारी का नंबर बचाव पक्ष के वकील को देने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को डीआईजी भुल्लर और कृष्णु शारदा की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई, जिसके बाद अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।








