
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज महान सिख योद्धा और शहीद बाबा जीवन सिंह (भाई जैता जी) की स्मृति में निर्मित अत्याधुनिक स्मारक को जनता को समर्पित किया। लगभग 29 करोड़ रुपये की लागत से बने इस स्मारक में पाँच विशेष गैलरियाँ बनाई गई हैं, जो उनके जीवन, बलिदान और सिख इतिहास की महान गाथाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्मारक गुरु तेग बहादुर जी का पवित्र सिर दिल्ली से आनंदपुर साहिब लाने वाले बाबा जीवन सिंह जी के अद्वितीय साहस और बलिदान को श्रद्धांजलि है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का डिज़ाइन श्री गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के आर्किटेक्चर विंग द्वारा तैयार किया गया है।
📌 स्मारक की विशेषताएं
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पहला चरण (2024): मुख्य इमारत का निर्माण और उद्घाटन।
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दूसरा चरण (2025): दोनों विंगों की पाँच गैलरियों का निर्माण और उद्घाटन।
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गैलरियाँ:
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सिख गुरुओं की झलक और बाबा जीवन सिंह के आध्यात्मिक संबंध।
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जन्म और पारिवारिक इतिहास को दर्शाती प्रस्तुति।
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कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार, गुरु तेग बहादुर जी की शहादत और भाई जैता जी की सेवा।
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चाँदनी चौक की घटना और वह क्षण जब भाई जैता जी ने गुरु गोबिंद सिंह जी को गुरु तेग बहादुर जी का पवित्र सिर भेंट किया।
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आनंदपुर साहिब से प्रस्थान, ऐतिहासिक स्थल और बाबा जीवन सिंह की वीरगति की एनिमेटेड प्रस्तुति।
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स्मारक में आधुनिक तकनीक, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति, मल्टीमीडिया और एनिमेशन का उपयोग किया गया है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इतिहास को अनुभव कर सकें। इसके अलावा पर्यटकों के लिए उपहार केंद्र और प्रदर्शनी क्षेत्र भी तैयार किया गया है।
📌 CM भगवंत मान का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा –
“यह स्मारक केवल ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि पंजाब की गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक है। बाबा जीवन सिंह का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ सेवा और साहस का संदेश देता रहेगा।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब की महान विरासत को संरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।








