
भवानीगढ़ के नजदीकी गांव घरचों में आज पुलिस और प्रशासन की टीम का बीकेयू एकता उगराहां ने घेराव किया। मिली जानकारी के अनुसार आज एक किसान द्वारा अपने खेत में धान की फसल काटने के बाद पराली को आग लगाई गई थी। इस दौरान आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी के साथ पुलिस और सिविल प्रशासन की टीम पहुंची। मौके पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने पुलिस और प्रशासन की टीम का घेराव कर रोष प्रदर्शन करते हुए पंजाब सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज गांव घराचों में एक किसान द्वारा अपने खेत में पराली जलाने के लिए आग लगा दी गई और इसकी जानकारी मिलते ही विधिक डिप्टी कमिश्नर अमित बैंबी और एसपी संगरूर पलविंदर सिंह चीमा के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम जिसमें सब डिवीजन भवानीगढ़ के एसडीएम रविंदर बांसल, डीएसपी राहुल कोंशल और थाना प्रमुख सब इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह फायर ब्रिगेड की गाड़ी के साथ आग बुझाने के लिए यहां पहुंचे। इसका पता चलते ही तुरंत बीकेयू एकता उगराहां के नेता और महिलाओं समेत बड़ी संख्या में किसान यहां पहुंच गए और पुलिस और प्रशासन की टीम का घेराव कर यहां धरना देना शुरू कर दिया।
इस मौके पर अपने संबोधन के दौरान भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेता मनजीत सिंह घराचों, हरजीत सिंह महिला और हरजिंदर सिंह घराचों ने कहा कि पराली मुद्दे को लेकर राज्य सरकार की ओर से किसानों को धमकाया जा रहा है। जो सरासर गलत है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि सरकार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए 200 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे, साथ ही अगर गेहूं की सीधी बुआई के कारण गेहूं की फसल को झुलसा रोग से नुकसान होता है तो पूर्ण मुआवजे की गारंटी दी जाए तथा कम आय वाले छोटे किसानों को पराली प्रबंधन के सभी साधन निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएं तो किसान अपनी पराली का प्रबंधन स्वयं कर सकेंगे और यदि सरकार किसानों की यह मांग नहीं मानती है। तो किसान पराली जलाने को मजबूर हो जायेंगे। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने के आश्वासन पर किसानों ने करीब 2 घंटे बाद घेराव खत्म कर टीम को मुक्त किया।







