
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान एक महीने में दूसरी बार जालंधर पहुंचे। अपने निवास स्थान पर आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में उन्होंने नागरिकों से सीधे मुलाकात की और कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही मंच पर लोगों की समस्याएं सुनकर उनका निपटारा करना सबसे प्रभावी तरीका है। उनका कहना था कि राज्य प्रमुख का जनता से सीधे मिलना जवाबदेह शासन की पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था देना है। ‘लोक मिलनी’ सरकार और जनता के बीच पुल का काम करती है। इससे अधिकारियों के कामकाज पर नजर रखने में भी मदद मिलती है। उन्होंने दोहराया कि यह पहल राजनीति से ऊपर है और इसका उद्देश्य केवल जनहित है।
युवाओं के लिए रोजगार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बिना सिफारिश और भ्रष्टाचार के 63 हजार से अधिक नौकरियां दी गई हैं। शिक्षा क्षेत्र में स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जहां आधुनिक कक्षाएं और प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं। शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे में पंजाब ने पहला स्थान हासिल किया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 65 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपये तक का नकद रहित इलाज उपलब्ध है। 881 आम आदमी क्लीनिक रोज मुफ्त उपचार दे रहे हैं। लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है।
किसानों के लिए दिन में भी निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जा रही है। नहरों की मरम्मत और सड़कों के निर्माण का काम तेज है। 19 टोल प्लाजा बंद होने से लोगों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को 1000 रुपये देने की योजना भी जल्द लागू होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जनता से किया हर वादा निभाएगी।








