
पंजाब के Bathinda से सामने आए एक भंगड़ा वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक भंगड़ा ग्रुप स्टेज पर पुलिस की वर्दी पहनकर परफॉर्म करता दिखाई दे रहा है। इस मामले को लेकर अब बहस शुरू हो गई है कि क्या मनोरंजन के नाम पर सुरक्षा बलों की वर्दी का इस्तेमाल उचित है।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
इस मामले को लेकर Animal Welfare Board of India के सदस्य गुरविंदर ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सवाल उठाया कि सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पुलिस की वर्दी, बैज और हथियार जैसे प्रतीकों के साथ मंच पर डांस करना क्या सही है।
गुरविंदर ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि अगर कोई युवक नकली हथियार के साथ सोशल मीडिया पर रील बनाता है तो Punjab Police उस पर कार्रवाई करती है। ऐसे में स्टेज शो के दौरान वर्दी और हथियारों जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल कैसे स्वीकार किया जा सकता है।
भंगड़ा ग्रुप ने दी सफाई
वहीं इस विवाद पर भंगड़ा ग्रुप के संचालक विपन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल एक एक्ट का हिस्सा है। उनके अनुसार परफॉर्मेंस में इस्तेमाल की गई वर्दी और हथियार दोनों नकली हैं और किसी को डराने या गलत संदेश देने का मकसद नहीं है।
उन्होंने बताया कि यह प्रस्तुति पंजाबी फिल्म Jatt & Juliet से प्रेरित है, जिसमें Diljit Dosanjh ने भी पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई थी। विपन का कहना है कि फिल्मों में कलाकार वर्दी पहनते हैं और हथियारों का इस्तेमाल करते हैं, उसी तरह यह भी एक मंचीय प्रस्तुति का हिस्सा था।
पुलिस को भी दी गई शिकायत
गुरविंदर ने कहा कि उन्होंने इस वीडियो और उससे जुड़ी रील्स को पुलिस अधिकारियों को टैग करते हुए शिकायत भी की है। उनका कहना है कि डांस या सांस्कृतिक कार्यक्रमों से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सुरक्षा बलों की वर्दी का मनोरंजन में इस्तेमाल संस्थाओं की गरिमा को प्रभावित कर सकता है।
अब प्रशासनिक बहस का विषय
बताया जा रहा है कि ‘ब्लैक पैंथर’ नाम का यह भंगड़ा ग्रुप शादियों और बड़े आयोजनों में भंगड़ा, गिद्दा और फिल्मी एक्ट पेश करता है। इनके शो में Gurdas Maan और Babbu Maan जैसे कलाकारों के गानों पर परफॉर्मेंस भी शामिल रहती है।
हालांकि अब पुलिस वर्दी और हथियार जैसे प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर यह मामला सामाजिक और प्रशासनिक बहस का विषय बन गया है।








