
नई दिल्ली, 01 मार्च 2026। राजधानी के जंतर-मंतर पर आयोजित विशाल जनसभा में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “140 करोड़ लोग मिलकर देश से तानाशाह सरकार उखाड़ फेंकेंगे।” उन्होंने घोषणा की कि “आज से बदलाव की गिनती शुरू हो गई है।”
सभा में दिल्ली, पंजाब, गुजरात, गोवा सहित कई राज्यों से आए कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी रही। मंच से बार-बार नारा गूंजा—“पढ़ा-लिखा दमदार है, मेरा केजरीवाल कट्टर ईमानदार है।”
कोर्ट के फैसले का हवाला, ‘कट्टर ईमानदार’ की पुनरावृत्ति
केजरीवाल ने कहा कि पिछले वर्षों में उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों के जरिए बदनाम किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि “मुझे चोर कहा गया, 100 करोड़ खाने का आरोप लगाया गया, लेकिन अदालत ने साफ कर दिया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार था, है और रहेगा।”
उनके अनुसार, यह फैसला “सिर्फ एक व्यक्ति की जीत नहीं, बल्कि सच्चाई की जीत” है। उन्होंने आरोप लगाया कि केस को व्यक्तिगत स्तर पर मॉनिटर किया गया ताकि पार्टी नेतृत्व जेल से बाहर न आ सके।
“ईमानदारी से काम करोगे तो ऐसा ही हाल होगा” – संदेश का आरोप
केजरीवाल ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के जरिए एक संदेश देने की कोशिश हुई—“अगर कोई सरकार में ईमानदारी से काम करेगा, तो उसका केजरीवाल जैसा हाल कर दिया जाएगा।”
उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने राजनीति में आम युवाओं को टिकट दिए, नौकरी छोड़कर राजनीति में आने वाले युवाओं को मौका दिया, लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें डराने की कोशिश की।
कांग्रेस से मोहभंग के बाद उम्मीदें और 12 साल का सवाल
केजरीवाल ने 2014 का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के घोटालों से तंग आकर जनता ने मोदी सरकार को पूर्ण बहुमत दिया था। “लोगों को उम्मीद थी कि देश बदलेगा, लेकिन 12 साल बाद भी आम आदमी की जिंदगी में बुनियादी सुधार नहीं दिखता,” उन्होंने कहा।
उनके अनुसार, सड़क, पानी, सीवर, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, एयरलाइन और रेलवे—हर सेक्टर में गिरावट देखने को मिल रही है।
पेपर लीक और ‘परीक्षा पर चर्चा’ पर तंज
प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों पर कटाक्ष करते हुए केजरीवाल ने कहा कि “जब देशभर में पेपर लीक हो रहे हैं, बच्चों का भविष्य दांव पर है, तब परीक्षा पर चर्चा की नौटंकी बंद होनी चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं और युवाओं का भरोसा टूट रहा है।
गुजरात मॉडल पर सवाल
केजरीवाल ने गुजरात का नाम लेते हुए अवैध शराब, ड्रग्स और जमीन सौदों पर कार्रवाई की चुनौती दी। उन्होंने दावा किया कि “अगर सच में भ्रष्टाचार खत्म करना है तो बड़े मामलों में एक्शन लेकर दिखाइए।”
सड़क और पुलों की गुणवत्ता पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि उद्घाटन के बाद पुल गिरना विकास की असल तस्वीर है।
प्रदूषण और बुनियादी ढांचे पर तुलना
उन्होंने कहा कि बीजिंग ने कुछ वर्षों में प्रदूषण पर नियंत्रण पाया, लेकिन उत्तर भारत में सांस लेना मुश्किल हो रहा है। “विकसित भारत बाद में बनाइए, पहले रहने लायक भारत बना दीजिए,” उन्होंने कहा।
सड़क, सफाई और सीवर व्यवस्था की तुलना में उन्होंने विदेशी शहरों का उदाहरण दिया और कहा कि बुनियादी सेवाओं में सुधार प्राथमिकता होनी चाहिए।
दिल्ली सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप
केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद कई वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने बस मार्शलों को नियमित करने और महिलाओं को 2500 रुपये देने के कथित वादों का जिक्र किया।
उनके अनुसार, “एक साल में हजारों लोगों की नौकरियां गईं, जबकि रोजगार देने का वादा किया गया था।” उन्होंने आरोप लगाया कि मोहल्ला क्लीनिक, डीटीसी और अन्य विभागों के कर्मचारियों को हटाया गया।
“देश के लिए काम करेंगे, सत्ता आपकी रहे”
सभा में केजरीवाल ने कहा, “आप सत्ता की राजनीति कीजिए, हम जनता के लिए काम करेंगे।” उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में स्कूल, अस्पताल, बिजली और पानी के क्षेत्र में सुधार कर उम्मीद जगाई।
उनका कहना था कि “140 करोड़ लोगों को यह भरोसा मिला कि देश सुधर सकता है।”
वैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का जिक्र
केजरीवाल ने शिक्षाविद और वैज्ञानिक सोनम वांगचुक का नाम लेते हुए कहा कि पढ़े-लिखे लोगों से डरना किसी भी सरकार के लिए अच्छा संकेत नहीं है। “जब तानाशाह वैज्ञानिकों और छात्रों से डरने लगे, समझ लीजिए अंत निकट है,” उन्होंने कहा।
व्यक्तिगत सफर और ईमानदारी का दावा
अपने आईआईटी के दिनों का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वे विदेश जा सकते थे, लेकिन देश सेवा का रास्ता चुना। आयकर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर रहते हुए रिश्वत न लेने का किस्सा सुनाया और कहा कि “मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई है।”
उन्होंने चुनौती दी कि “कोई एक ठेकेदार खड़ा होकर कह दे कि केजरीवाल ने पैसे मांगे, मैं राजनीति छोड़ दूंगा।”
“मोदी जी को सत्ता चाहिए” – तीखा हमला
अपने भाषण के अंतिम हिस्से में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का ध्यान शासन से ज्यादा सत्ता विस्तार पर है। “सुबह से शाम तक यही सोचते हैं कि सत्ता कैसे ली जाए,” उन्होंने कहा।
उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट में हेरफेर, चुनावी रणनीतियां और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है।
जंतर-मंतर का ऐतिहासिक संदर्भ
केजरीवाल ने 4 अप्रैल 2011 का जिक्र करते हुए कहा कि इसी जगह से भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने नई दिशा ली थी। “आज 1 मार्च 2026 भी इतिहास में दर्ज होगा,” उन्होंने कहा और दावा किया कि “भाजपा की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।”
राजनीतिक असर और आगे की राह
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जंतर-मंतर की यह रैली विपक्षी राजनीति को नया संदेश देती है। आम आदमी पार्टी खुद को राष्ट्रीय विकल्प के रूप में पेश कर रही है।
हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कानून अपना काम करता है और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। आने वाले महीनों में यह टकराव और तेज हो सकता है।












