
आदमपुर फ्लाईओवर के वर्षों से रुके निर्माण कार्य को दोबारा शुरू करवाने की मांग तेज हो गई है। आदमपुर हलका इंचार्ज और पंजाब स्टेट एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट बैंक के चेयरमैन पवन कुमार टीनू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस अधूरे प्रोजेक्ट पर तुरंत फैसला लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी के प्रकाशपर्व के मौके पर प्रधानमंत्री जालंधर आ रहे हैं और ऐसे में आदमपुर फ्लाईओवर का काम दोबारा शुरू करने की घोषणा क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
पवन टीनू ने कहा कि इससे पहले प्रधानमंत्री ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था, लेकिन उस दौरान राज्य को किसी विशेष राहत पैकेज की घोषणा नहीं की गई। उन्हें उम्मीद है कि इस बार प्रधानमंत्री जालंधर दौरे के दौरान आदमपुर फ्लाईओवर जैसे अहम और जनहित से जुड़े मुद्दे पर गंभीरता दिखाएंगे।
उन्होंने बताया कि आदमपुर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। शुरुआत में काम की रफ्तार ठीक रही, लेकिन वर्ष 2020 में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से ठप हो गया। काम रुकने के बाद निर्माण सामग्री, खासकर सीमेंट और स्टील के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई, जिसके चलते ठेकेदार ने आगे काम करने से इनकार कर दिया। टीनू ने आरोप लगाया कि उस समय की सरकार ने इस गंभीर समस्या को हल करने में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
पवन टीनू ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से आदमपुर होकर गुजरते हैं, तो वे खुद देख सकेंगे कि फ्लाईओवर अधूरा होने के कारण आम लोगों को रोजाना ट्रैफिक जाम, हादसों और समय की बर्बादी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अगर वे हेलीकॉप्टर से यात्रा करते हैं तो ऊपर से फ्लाईओवर के लिए बनाए गए करीब 70 पिलर साफ दिखाई देते हैं, जो वर्षों से अधूरे पड़े हैं और विकास के ठहराव की तस्वीर पेश करते हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर जमीन अधिग्रहण में घोटाले की आशंका जताई थी। इसी के चलते 29 जुलाई 2025 को इस प्रोजेक्ट का काम पूरी तरह से बंद कर दिया गया। टीनू ने स्पष्ट कहा कि अगर जमीन अधिग्रहण में कहीं गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जांच जरूर होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जानी चाहिए, लेकिन इसके नाम पर विकास कार्य को रोकना गलत है।
पवन टीनू ने जानकारी दी कि 30 जुलाई 2025 को वे तीन अन्य सांसदों के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिले थे। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने आदमपुर फ्लाईओवर का काम दोबारा शुरू करने की जोरदार मांग रखी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जमीन अधिग्रहण से जुड़ा विवाद होशियारपुर क्षेत्र में हुआ है, तो उसकी सजा जालंधर और आदमपुर की जनता को क्यों दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह फ्लाईओवर जालंधर से होशियारपुर तक के मार्ग का अहम हिस्सा है। जालंधर की ओर फोरलेन सड़क के लिए आवश्यक चौड़ाई का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन होशियारपुर की दिशा में जमीन उपलब्ध न होने के कारण पूरा प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास पर भी असर पड़ रहा है।
पवन टीनू ने आदमपुर की रणनीतिक अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां भारतीय वायुसेना का महत्वपूर्ण बेस मौजूद है, जहां से देश की सुरक्षा से जुड़े कई बड़े अभियान संचालित होते हैं। इसके अलावा आदमपुर में सिविल एयरपोर्ट भी है और यह मार्ग हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और यात्री इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं।
उन्होंने कहा कि इतने व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग पर फ्लाईओवर का अधूरा रहना जनता की सुरक्षा और सुविधा के साथ सीधा खिलवाड़ है। पवन टीनू ने केंद्र सरकार से मांग की कि बिना किसी देरी के आदमपुर फ्लाईओवर का काम तुरंत दोबारा शुरू किया जाए और इसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए, ताकि लोगों को वर्षों से चली आ रही परेशानियों से राहत मिल सके।









