
पंजाब की राजनीति में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बार फिर अपनी सख्त नीति को उजागर किया है। ‘आप’ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता या आरोपों को हल्के में नहीं लेती और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करती है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि लालजीत भुल्लर को पद से हटाना और उनकी गिरफ्तारी यह साबित करती है कि पंजाब सरकार गलत कार्यों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने इसे एक उदाहरण बताते हुए कहा कि ‘आप’ सरकार में अपने ही नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई करने का साहस है, जो पिछली सरकारों में देखने को नहीं मिलता था।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा में एडीजीपी की दुखद आत्महत्या के मामले में आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इसके विपरीत, पंजाब में ‘आप’ सरकार ने तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई कर यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून सबके लिए समान है।
अमन अरोड़ा ने कांग्रेस और अकाली दल की पूर्व सरकारों पर भी हमला बोलते हुए कहा कि उनके शासनकाल में नेताओं पर गंभीर आरोप लगने के बावजूद बिना जांच के क्लीन चिट दे दी जाती थी। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार इस पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दोहराया कि सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है और जनता के भरोसे को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार न तो किसी को राजनीतिक संरक्षण देती है और न ही सच्चाई से समझौता करती है।
अरोड़ा ने कहा, “हमारी सरकार में कानून से ऊपर कोई नहीं है। अगर कोई गलत करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होती है—चाहे वह अपना ही क्यों न हो।”









