महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को हटाकर केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट 2025 (VB-G RAM Ji) के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने बुधवार को खन्ना में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की अगुवाई पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने की, जिसमें सैकड़ों मजदूर और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने VB-G RAM Ji एक्ट को “काला, कठोर और गरीब विरोधी कानून” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह नया कानून ग्रामीण भारत की रीढ़ तोड़ देगा और लाखों गरीब परिवारों की रोज़ी-रोटी छीनने का काम करेगा। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मनरेगा की जगह लाया गया यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है, क्योंकि देश के करोड़ों मजदूर अपनी आजीविका के लिए मनरेगा पर निर्भर हैं।
तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जानबूझकर कृषि के पीक सीजन में काम देने से इनकार कर ग्रामीण मजदूरों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा, “जब गांवों के परिवारों को सबसे ज्यादा काम और आमदनी की जरूरत होती है, तब उन्हें रोजगार से वंचित किया जा रहा है। यह विकास नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों का विनाश है।”
मंत्री ने यह भी कहा कि इस नए कानून का सबसे अधिक नुकसान अनुसूचित जाति समुदाय, महिलाओं और भूमिहीन मजदूरों को होगा। उन्होंने ऐलान किया कि आम आदमी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और जरूरत पड़ी तो दिल्ली की सड़कों पर भी संघर्ष किया जाएगा। “हम भाजपा सरकार को मजदूरों से उनके संवैधानिक अधिकार छीनने की इजाजत नहीं देंगे,” उन्होंने दो टूक कहा।
इस मौके पर आम आदमी पार्टी के अनुसूचित जाति विंग के प्रदेश प्रधान गुरप्रीत सिंह जी पी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि ‘आप’ पार्टी हर मजदूर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और केंद्र सरकार को इस गरीब विरोधी कानून को वापस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा।











