
श्री आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद और प्रदेश महासचिव मालविंदर सिंह कंग ने पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) प्रशासन द्वारा
“श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस” को समर्पित सेमिनार की इजाजत रद्द करने पर कड़ी नाराजगी जताई है।
कंग ने इसे “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, दुखद और अकादमिक स्वतंत्रता पर हमला” बताया है।
उन्होंने कहा कि पीयू प्रशासन का यह फैसला
“दिल्ली में बैठे आकाओं के दबाव में लिया गया राजनीतिक निर्णय” है और
वाइस चांसलर को इसे तत्काल रद्द कर सेमिनार की अनुमति बहाल करनी चाहिए।
🗣️ “गुरु साहिब की शहादत पूरी मानवता के लिए प्रेरणा है”
एक प्रेस बयान में सांसद कंग ने कहा —
“श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत सिर्फ सिख कौम की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की शहादत है।
उन्होंने धर्म, संस्कृति और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान दिया था।”
कंग ने कहा कि जब पूरा देश ‘हिंद की चादर’ की कुर्बानी को नमन कर रहा है,
उसी वक्त पंजाब यूनिवर्सिटी में इस इतिहास पर चर्चा रोकना शर्मनाक और असंवेदनशील कदम है।
⚡“दिल्ली से दबाव में लिया गया फैसला”
कंग ने वाइस चांसलर पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि
“पीयू प्रशासन ने यह फैसला दिल्ली के इशारे पर लिया है।
केंद्र की बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि गुरु तेग बहादुर साहिब जी की प्रेरणादायक विरासत युवाओं तक पहुंचे।”
उन्होंने इसे “शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा की तस्वीर हटाने” जैसी घटनाओं की कड़ी का हिस्सा बताया,
जहां पंजाब की विचारधारा और सिख विरासत से जुड़ी आवाजों को जानबूझकर दबाया जा रहा है।
🧑🏫 विवाद का कारण — विद्वान अजमेर सिंह की भागीदारी
सांसद कंग ने बताया कि
छात्रों से मिली जानकारी के अनुसार,
प्रशासन ने सेमिनार की अनुमति इसलिए रद्द की क्योंकि
सिख विद्वान और चिंतक सरदार अजमेर सिंह इसमें वक्ता के तौर पर आमंत्रित थे।
कंग ने इस तर्क को “असंवैधानिक और हास्यास्पद” बताया और कहा —
“अजमेर सिंह तीन दशकों से सार्वजनिक जीवन में हैं,
उन पर कोई केस नहीं है और वे देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में बोलते रहे हैं।
उन्हें रोकना अकादमिक स्वतंत्रता और विचार अभिव्यक्ति पर सीधा प्रहार है।”
📩 VC को चिट्ठी लिख की मांग
कंग ने वाइस चांसलर प्रो. रेनू विज्ज को एक औपचारिक पत्र लिखकर
सेमिनार की इजाजत तुरंत बहाल करने की मांग की है।
उन्होंने कहा —
“यूनिवर्सिटी को राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर ‘हिंद की चादर’ की कुर्बानी को समर्पित यह सेमिनार करवाने देना चाहिए।
ऐसी घटनाएं हमारे युवा वर्ग को अपने इतिहास और विरासत से दूर करती हैं।”
🕊️ “गुरु साहिब का इतिहास सिलेबस में होना चाहिए”
सांसद कंग ने सुझाव दिया कि
गुरु तेग बहादुर साहिब जी का जीवन, शहादत और योगदान
शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का हिस्सा होना चाहिए,
ताकि युवा उनसे प्रेरणा लेकर समाज और देश के निर्माण में योगदान दे सकें।








