पंजाब के लुधियाना से करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि जाली दस्तावेज तैयार कर एक महिला की कीमती संपत्ति को अवैध रूप से अपने नाम ट्रांसफर कराया गया और बाद में उसी संपत्ति को गिरवी रखकर 10 करोड़ रुपये का लोन भी हासिल कर लिया गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी ट्रांसफर डीड से संपत्ति अपने नाम कराने का आरोप
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता नैन्सी जिंदल ने बताया कि आरोपियों ने सुनियोजित साजिश के तहत उनकी संपत्ति हड़पने की योजना बनाई। शिकायत के अनुसार, मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर एक फर्जी ट्रांसफर डीड तैयार कर संपत्ति अपनी पत्नी के नाम ट्रांसफर करवा दी। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में भी कथित रूप से संबंधित इंतकाल को अपने पक्ष में स्वीकृत करवा लिया गया।
संपत्ति गिरवी रखकर लिया 10 करोड़ रुपये का लोन
शिकायत के मुताबिक, दस्तावेजों में संपत्ति अपने नाम दर्ज कराने के बाद आरोपियों ने उसी प्रॉपर्टी को एक निजी वित्तीय संस्था के पास गिरवी रखकर करीब 10 करोड़ रुपये का लोन प्राप्त कर लिया। पीड़िता का कहना है कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी बाद में मिली, जिसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिकायत की।
जांच में आरोप सही पाए जाने का दावा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले की विस्तृत जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में आरोपों में दम पाए जाने के बाद संजीव कुमार, हेमंत कुमार, संजीव कौशल और कविता गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश रचने सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस कर रही है आगे की जांच
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान दस्तावेजों की वैधता, संपत्ति के हस्तांतरण की प्रक्रिया और लोन स्वीकृति से जुड़े सभी रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












